जम्मू। जम्मू एवं कश्मीर में अंतर्राष्ट्रीय सीमा पर रविवार को पाकिस्तान की अंधाधुंध गोलीबाली व गोलाबारी में सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के दो जवान शहीद हो गए जबकि सात नागरिक घायल हो गए जिससे प्रशासन को हजारों ग्रामीणों को सीमावर्ती इलाकों से निकालकर सुरक्षित जगहों पर ले जाने के लिए बाध्य होना पड़ा। पुलिस ने कहा कि अखनूर सेक्टर के परगवाल उपसेक्टर में पाकिस्तान द्वारा वर्ष 2003 के संघर्षविराम उल्लंघन में सहायक सब इंस्पेक्टर एस.एन.यादव और कांस्टेबल वी.के पांडे शहीद हो गए।

इस पाकिस्तानी कार्रवाई से प्रभावित हुए इलाके में 30 गांव और 10 बीएसएफ चौकियां हैं। पुलिस अधिकारी ने कहा, घायल हुए पांच नागरिकों और एक बीएसएफ जवान को जम्मू के गवर्मेट मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है। पाकिस्तान रेंजर्स के गोले परगवाल व कानाचक उप-सेक्टर में अंदर तक गिरे। पुलिस नागरिकों को निकालकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के लिए बुलेटप्रूफ वाहनों का उपयोग कर रही है। पाकिस्तानी गोलीबारी व गोलाबारी तड़के 3.30 बजे शुरू हुई और सुबह 10 बजे तक जारी रही। भारतीय बलों ने भी इसका दृढ़ता से जवाब दिया।
इस संघर्ष विराम उल्लंघन से पांच दिन ही पहले दोनों देशों के बीच 2003 में हुए संघर्षविराम समझौते को ईमानदारी से लागू करने पर सहमति बनी थी।अखनूर सेक्टर में हुए इस संघर्ष के बाद 30 से अधिक गांवों के निवासी अपने मवेशियों, खेतों और घरों को हुए नुकसान का आकलन करने के लिए घरों से बाहर निकल आए।
जम्मू एवं कश्मीर की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि पाकिस्तान ने संघर्षविराम को लागू करने पर सहमत होने के बाद भी गोलीबारी व गोलाबारी की। महबूबा ने कहा, सीमा के दोनों तरफ के लोग मर रहे हैं। सीमा पर शांति के लिए दोनों डीजीएमओ के बीच तत्काल वार्ता शुरू होनी चाहिए। उप मुख्यमंत्री कविंदर गुप्ता ने कुछ प्रभावित गांवों का दौरा किया और अस्पताल जाकर घायलों से मुलाकात की। दुकानदारों ने दोपहर में अपनी दुकानें खोलीं। सूत्रों ने बताया कि बीएसएफ की जवाबी कार्रवाई में पाकिस्तान को भारी नुकसान हुआ है।

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