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Sunday, 3 June 2018

पाकिस्तानी गोलाबारी में जनपद के लाल की हुयी शहादत पर गांव में छाया मातम

2012 में शहीद विजय बीएसएफ में हुआ था भर्ती, आज गांव आयेगा पार्थिक शरीर

फतेहपुर। जम्मू कश्मीर के अखनूर सेक्टर में पाकिस्तानी गोलाबारी में जनपद के सठिगंवा गांव निवासी बीएसएफ का जवान विजय पांडेय और उसका एक साथी शहीद हो गए। जनपद के लाल के शहीद होने की सूचना जैसे ही गांव पहुंची तो वहां कोहराम मच गया। गांव वालो के अलावा पीड़ित परिवार को ढांढस बंधाने के लिये जिला प्रशासन के अधिकारी परिजनों से सम्पर्क कर उनके घर पहुंचे। शहीद का शव कल यानी सोमवार को सेना द्वारा लाया जायगा।

बताते चले की जनपद के बिन्दकी तहसील के सठिगंवा गांव निवासी राजू पांडेय पेशे से किसान हैं। उनका बेटा विजय कुमार पाण्डेय बीएसएफ में जवान था वर्तमान में बीएसएफ के 33 वीं बटालियन में पोस्ट था जिसकी तैनाती जम्मू कश्मीर के अखनूर सेक्टर में थी जहाँ बीती रात्रि पाकिस्तानी गोलाबारी में वह शहीद हो गया। सेना द्वारा परिजनों को जानकारी दी गई की शनिवार देर रात अखनूर सेक्टर में पाकिस्तान की तरफ से भारी गोलाबारी की गई। जिसमें विजय और उनके एक साथी सत्य नारायण शहीद हो गए जैसे से ही विजय के शहीद होने की सूचना गांव पहुंची वहां कोहराम मच गया। विजय के घर से रोने और चिल्लाने की आवाज सुनकर अन्य ग्रामीण वहां इकट्ठा हो गए। और पूरा गांव पीड़ित परिवार को ढांढस बंधाने में लग गया।

विजय के परिवार में पिता के अलावा एक भाई अजय पाण्डेय हैं जो नगर निगम कानपुर में नौकरी करते हैं। विजय की शुरुआती पढ़ाई गांव के ही प्राइमरी विद्यालय से हुई थी। उसके बाद उन्होंने आदर्श इंटर कॉलेज सालेपुर से 12वीं की पढ़ाई पूरी की। कानपुर में डिग्री कॉलेज में इन्होंने पढ़ाई शुरू की थी उसी दौरान बीएसएफ में तैनाती हो गई। 4 जुलाई 2012 को विजय बीएसएफ में भर्ती हुए थे।
शहीद की 20 जून को होनी थी शादी
फतेहपुर। शहीद जवान विजय पाण्डेय की 20 जून को शादी होनी थी। 15 जून को उनका तिलक था। इसके लिए शहीद ने छुट्टी के लिए आवेदन भी कर रखा था जो मंजूर हो चुका था। विजय 5 जून से छुट्टी पर घर आने वाला था।
मां को मिली पहली सूचना
फतेहपुर। घटना के बाद बीएसएफ की तरफ से फोन किया गया तो विजय की मां सविता देवी ने फोन उठाया। बेटे के शहीद होने की पहली सूचना मां को मिली। सूचना मिलते ही सविता देवी के हाथ से फोन गिरा और वह खुद रोते हुए जमीन पर बैठ गई। जिसके बाद अन्य परिजनों को घटना की जानकारी हो सकी।
शहीद के घर पहुंचे केन्द्र व प्रदेश सरकार के मंत्री
फतेहपुर। घटना के बाद केन्द्रीय मंत्री साध्वी निरंजन ज्योति और प्रदेश के कारागार मंत्री जयकुमार जैकी ने भी शहीद के परिजनों से सम्पर्क किया है। उसके बाद देर शाम शहीद के परिजनों को ढांढस बांधने के लिए दोनों मंत्री घर पहुंचे।

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