कोंच/उरई। शिक्षा ही समाज मे हर परिवार का मुख्य केन्द्र बिन्दु है। शिक्षा से ही व्यकित का विकास संभव है। शिक्षा से ही नक्सलवाद आंतकवाद जैसी ज्वलंत समस्याओं का खात्मा हो सकता है क्योकि बचपन मे बच्चो को जिस प्रकार की शिक्षा दीक्षा मिलेगी। उसी प्रकार से उनकी मानसिकता बदलेगी इसलिये हर अभिभावक को चािहये कि वह अपने बच्चे की शिक्षा दीक्षा पर विशेष ध्यान दे।
उक्त विचार जिला विद्यालय निरीक्षक भगवत पटेल ने रविवार को दोपहर परमहंश इण्टर कालेज देवगांव मे एक वचिार गोष्ठी मे व्यक्त किये। विचार गोष्ठी की अध्यक्षता करते हुये जिला पंचायत पूर्व उपाध्यक्ष बलराम तिवारी ने कहा कि अभिभावको को चाहिये कि वो अपने बच्चा व बच्चियों पर विशेष ध्यान दे ताकि आज जो प्रदूषण बढ़ रहा है उस विराम लग सकता है उन्होंने मोबाइल फोन का जिक्र करते हुये कहा कि विद्यालय मे मोबाइल फोन से ही शिक्षार्थियों का स्तर गिर रहा है। शिक्षक जब पढ़ाता है तो शिक्षार्थी फोन पर व्यस्त रहता है। इसे रोकने को हर अभिभावक को जोर देना होगा तभी शिक्षा का स्तर ऊपर उठ सकता है।
विचार गोष्ठी को सम्बोधित करती बाल विकास परियोजना अधिकारी बंदना वर्मा ने कहा कि कुपोषण के खिलाफ लगातार प्रयास चल रहा है। राज्य पोषण मिशन के तहत गोद लिये गांवो को कुपोषण मुक्त करना, समुदाय आधारित गतिविधियो जैसे गोद भराई, अन्नप्राशन कार्यक्रम चलाये जा रहे है तथा उसके 6 वर्ष के बच्चो को स्कूल पूर्व शिक्षा प्रदान की जा रही है।
गोष्ठी को विधायक प्रतिनिधि शिव कुमार निरंजन, ओमप्रकाश उदैनिया, थानाध्यक्ष कैलिया एमपी सिंह भदौरिया, ठाकुरदास निरंजन आदि ने सम्बोधित किया। विचार गोष्ठी की अध्यक्षता बलराम तिवारी ने की तथा गोष्ठी का संचालन अखिलेश व्यास ने किया। गोष्ठी के अंत मे ओमप्रकाश उदैनिया ने सभी आंगन्तुक अतिथियों का आभार व्यक्त किया तथा प्रबन्धक द्वारा अतिथियो को स्मृति चिन्ह भेट किये गये।
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Sunday, 3 June 2018
शिक्षा से होता व्यक्ति का विकास: डीआईओएस
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