उरई। रक्तदान करने से व्यक्ति की शारीरिक व मानसिक शक्ति मे किसी भी प्रकर की कमी व कमजोरी नही आती बल्कि दान किये गये रक्त के स्थान पर तेजी से नया रक्त बनता है। जिससे व्यक्ति का स्वास्थ्य अच्छा रहता है। इतना ही नही रक्त दाता रक्त देकर किसी की जान बचा सकता है। जो मानव कल्याण का सबसे बड़ा पुनीत कार्य है। यह बात जिला जज चन्द्रशेखर प्रसाद ने रक्तदान के दौरान कही।
जिला विधिक प्राधिकरण के तत्वाधान मे जिला स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से जिला दीवानी न्यायालय मे रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। जिसमे अध्यक्षता कर रहे जिला जज चन्द्रशेखर प्रसाद तथा उनकी धर्म पत्नी शैलजा यादव सहित कई न्यायिक अधिकारियों, अधिवक्ताओं एवं कर्मचारियों ने उत्साह पूर्वक रक्तदान किया गया। शिविर मे चिकित्सा विशेषज्ञो द्वारा ब्लड शुगर, हीमोग्लोबिन, बजन, रक्तचाप आदि जांच कर परीक्षण किया गया। जिसमे सीएमएस डा.एके सक्सेना, डा.संजीव कुमार, डा.तारा शहजाना, लैव तकनीशियन जितेन्द्र गुप्ता, कृष्ण कन्हैया, स्टाफ नर्स नितिशा तिवारी और लैब सहायक प्रमोद वर्मा शामिल रहे।
इस दौरान विशेष न्यायाधीश श्रीनाथ सिंह, मध्यस्थ अधिवक्ता राजकुमारी निषाद, पूर्व महासचिव जिला बार संघ बृजबिहारी गुप्ता, अधिवक्ता धर्मेन्द्र पाल, बब्लू सिंह और सिस्टम सहायक अनुरूद्ध सिंह राठौर ने रक्तदान किया। कई लोगों ने पंजीकरण कराया। रक्तदान शिविर के दौरान जिला जज चन्द्रशेखर ने कहा कि रक्तदान महादान है। रक्तदान देकर हम किसी की भी जान बचा सकते है। ऐसे मे वह मानव कल्याण का सबसे बड़ा एवं पुनीत कार्य करता है। उन्होंने कहा कि रक्तदान करने से व्यक्ति की शारीरिक एवं मानसिक शक्ति मे किसी भी प्रकार की कमी नही होती। दान किये गये रक्त के स्थान पर शरीर मे तेजी से रक्त बनता है। जिससे व्यक्ति के शरीर का स्वास्थ्य और भी अच्छा हो जाता है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा.अल्पना बतारिया ने कहा कि रक्तदान से प्राप्त रक्त को आपाद स्थिति मे किसी दुर्घटना ग्रस्त मरीज या किसी असहाय गरीब रोगी को उपलब्ध कराकर उनके प्राणों की रक्षा की जा सकती है। इस मौके पर अपर जिला जज उमेश प्रकाश, नरेन्द्र कुमार, रीता गुप्ता, निशा सिंह, अभय प्रताप सिंह, शिविल जज सीडी गुलाम मुस्तफा, अनिल यादव, जिला बाल संघ अध्यक्ष करन सिंह राजपूत, डीजीसी लखन लाल निरंजन सहित कई अधिवक्ता व कर्मचारी उपस्थित रहे।

No comments:
Post a Comment