लखनऊ। उत्तर प्रदेश के राज्यपाल राम नाईक से आज राजभवन में 70 वें आरआर (2017) बैच के 9 भारतीय पुलिस सेवा के प्रशिक्षु अधिकारियों तथा 8 विदेश पुलिस सेवा के अधिकारियों ने भेंट की। राज्यपाल से भेंटवार्ता का कार्यक्रम सरदार बल्लभ भाई पटेल राष्ट्रीय पुलिस अकादमी हैदराबाद द्वारा आयोजित किया गया था। सभी प्रशिक्षु अधिकारी नेशनल एकेडमी आफ पुलिस, हैदराबाद के प्रशिक्षण प्रशिक्षाधीन अधिकारी स्टडी कम कल्चरल टूर प्रोग्राम के अन्तर्गत लखनऊ भ्रमण पर आये थे। इस अवसर पर राज्यपाल के प्रमुख सचिव हेमन्त राव व अकादमी की ओर से सहायक निदेशक पवन कुमार आईपीएस भी उपस्थित थे।

राज्यपाल ने प्रशिक्षु पुलिस अधिकारियों को सम्बोधित करते हुए कहा जनता की समस्याओं के समाधान के लिये संवेदनशील रवैया अपनायें। कानून एवं व्यवस्था सुदृढ़ करने में इस बात की जानकारी अवश्य करें कि अपराध का कारण क्या है। अपराध के कारण पर रोक लगाने के लिये अपने स्तर से कार्य संस्कृति बनायें। आप कानून व्यवस्था पर कैसे नियंत्रण करते हैं, इसके लिये जमीनी हकीकत को जानते हुये अपने विवेक से काम लें। दायित्व का निर्वहन कार्य की अपेक्षा के अनुसार करें। उन्होंने कहा कि समाज में सुधार लाने के लिये बहुत कुछ व्यक्तित्व और व्यवहार में निर्भर होता है। कानून व्यवस्था बनाये रखने में पुलिस अधिकारियों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है।
प्रशिक्षु अधिकारियों द्वारा पूछे गये एक सवाल के जवाब में राज्यपाल ने बताया कि राजनीति सेवा का पर्याय है इसलिए वह महालेखाकार कार्यालय की नौकरी छोड़कर राजनीति में आ गये जबकि राजनीति को जीवन यात्रा बनाने का कोई इरादा नहीं था। उन्होंने राजनीति में आने के बाद पहले समाज सेवक फिर विधायक, सांसद, विभिन्न विभागों में राज्यमंत्री एवं मंत्री और अब राज्यपाल बनने तक का सफर प्रशिक्षु अधिकारियों से साझा किया।
राज्यपाल से मिलने वाले प्रशिक्षु अधिकारियों में महाराष्ट्र के स्वप्निल महाजन एवं तारे अनुज, केरल के अंकित अशोकण एवं विशवेष शास्त्री, वरूण शर्मा पंजाब के, श्रवण दत्त तेलंगाना के, तमिलनाडु के जे ज्यापाण्डयान एवं सुन्दरावथनम्, पश्चिम बंगाल के पलाश चन्द्र एवं मालद्वीव के अमीन अब्दुल कय्यूम, इब्राहीम इमरान, मा.े शुजा एवं फतेह मोहम्मद, भूटान से टी. पेन्जोर, टी. लहाम, टी. नारजाम एवं नेपाल से कृष्ण खड़के उपस्थित थे।

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