
नई दिल्ली। अफगानिस्तान के जलालाबाद में सिख और हिंदुओं पर हुए आत्मघाती हमले में 19 लोगों की मौत हो गई और 20 जख्मी हुए हैं। ये सभी लोग राष्ट्रपति अशरफ गनी से मिलने गवर्नर हाउस जा रहे थे। नंगरहार प्रांत के प्रवक्ता इनामुल्ला मियांखली ने बताया कि मारे गए 19 में से 17 लोग अल्पसंख्यक समुदाय के थे। इनमें से 11 सिख थे। 6 हिंदू और 2 अन्य बताए जा रहे हैं।
नरेंद्र मोदी ने हमले की निंदा की है। उन्होंने ट्वीट में लिखा, “ये अफगानिस्तान की विविधतापूर्ण संस्कृति पर हमला है। मृतकों के परिवार के साथ मेरी संवेदनाएं हैं। मैं घायलों के जल्दी ठीक होने की कामना करता हूं। दुख की इस घड़ी में भारत अफगानिस्तान के साथ है।”
अस्पताल में भर्ती नरेंद्र सिंह नाम के शख्स ने फोन पर न्यूज एजेंसी को बताया कि उनके काफिले को निशाना बनाया गया था। नरेंद्र फोन पर ही रोने लगे। उन्होंने कहा कि काफिले में उनके पिता अवतार सिंह खालसा भी थे। पता नहीं, उनका क्या हुआ। सरकार ने अवतार की मौत की पुष्टि की।
खालसा लंबे वक्त से सिख नेता थे और अक्टूबर में होने वाला चुनाव लड़ना चाहते थे। प्रांतीय गवर्नर के प्रवक्ता अतातुल्लाह खोग्यानी ने बताया कि धमाका इतना तेज था कि इससे आसपास मौजूद कई इमारतों और दुकानों को नुकसान पहुंचा। धमाके से कुछ ही घंटों पहले गनी ने शहर में एक अस्पताल का उद्घाटन किया था।
अभी तक किसी भी आतंकी संगठन ने हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है लेकिन तालिबान और आईएसआईएस से जुड़े संगठन नंगरहार में सक्रिय हो गए हैं। इस्लामिक कट्टरपंथियों द्वारा लंबे वक्त से अल्पसंख्यक समुदाय को निशाना बनाया जा रहा है।

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