
केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) ने पहली बार कश्मीर घाटी में उपद्रवी भीड़, पत्थरबाजों से निपटने के लिए 500 महिला कर्मियों की विशेष टुकड़ी को नियमित ड्यूटी में शामिल किया है। प्रशिक्षण के बाद इनकी तैनाती की जाएगी। यह जानकारी एक वरिष्ठ सीआरपीएफ अधिकारी ने दी।
अधिकारी ने बताया कि इन महिला कर्मियों में ज्यादातर की रैंक कांस्टेबल की है। ये सभी जम्मू कश्मीर की ग्रीष्मकालीन राजधानी श्रीनगर के हुमहामा स्थित सीआरपीएफ की भर्ती प्रशिक्षण केंद्र में हैं और इन्हें दंगा विरोधी और आतंकवाद निरोधक अभियानों का प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि यह अभियान का नया क्षेत्र है जहां महिला कर्मियों की तैनाती की जा रही है। कश्मीर घाटी में महिला कर्मियों की यह पहली टीम है। इससे पहले सीआरपीएफ की महिला कर्मियों को छत्तीसगढ़ एवं झारखंड के नक्सल विरोधी अभियानों में शामिल किया गया था।
45 दिन के प्रशिक्षण के बाद इन्हें पत्थरबाजों और प्रदर्शनकारियों से निपटने के लिए घाटी में तैनात किया जाएगा। माना जा रहा था कि सीआरपीएफ की विशेष दंगा निरोधक शाखा आरएएफ को हिंसक प्रदर्शनों एवं पथराव की घटनाओं से निपटने के लिए तैनात किया जाएगा लेकिन इसे व्यवहारिक नहीं पाया गया है।
प्रशिक्षण अधिकारी मंजू के. के मुताबिक, महिला कर्मी अब कश्मीर घाटी की वस्तुस्थिति से परिचित हो गई हैं और उन्हें रबर बुलेट, पैलेट गन, पंप एक्शन गन और टीयर गैस शेल्स तथा पावा शेल्स के साथ ही कम घातक हथियारों का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। साथ ही उन्हें एके सीरीज और इंसास जैसे हथियार भी मुहैया कराए जाएंगे ताकि आतंकी हमलों के वक्त वे जवाबी कार्रवाई करने के साथ ही आत्मरक्षा भी कर सकें।

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