
नई दिल्ली। वोडाफोन और आइडिया के एक होने से नई बनी कंपनी वोडाफोन आइडिया लिमिटेड मार्केट में सबसे बड़ी कंपनी के तौर पर उभरेगी और यह प्राइस वॉर को तेज कर सकती है। इससे मार्केट की तस्वीर में जरूर थोड़ा बदलाव नजर आ सकता है और अब तक जो जंग रिलायंस जियो और एयरटेल के बीच थी, वह कुछ नरम हो सकती है।
एक्सपर्ट्स के मुताबिक अगले 4 से 5 तिमाही तक मुकेश अंबानी की कंपनी रिलायंस जियो की ओर से प्राइस वॉर जारी रह सकती है। ऐसे में अन्य कंपनियों को भी मुकाबले के लिए प्राइस वॉर जारी रखनी पड़ेगी। जानकारों का कहना है कि रिलायंस जियो ने मार्केट में अपने रेवेन्यू शेयर को 30 फीसदी तक पहुंचाने तक प्राइस वॉर जारी रखने का फैसला लिया है। फिलहाल रेवेन्यू में जियो की हिस्सेदारी 20 फीसदी के स्तर पर है।
एचएसबीसी के डायरेक्टर और टेलिकॉम एनालिस्ट राजीव शर्मा ने कहा, ‘यदि जियो की ओर से प्राइस वॉर अगले 10 महीने तक जारी रखी जाती है तो इस बात की संभावना है कि मार्केट में तीन की बजाय दो ही प्लेयर मुख्य लड़ाई में रह जाएंगे। इसके अलावा कीमतों की इस जंग के लंबे समय तक बने रहने की संभावना को भी खारिज नहीं किया जा सकता।’
भारती एयरटेल के पूर्व सीईओ संजय कपूर भी इस पर सहमति जताते हुए कहते हैं, ‘यदि जियो की ओर से प्राइस वॉर को अगले 10 महीने तक जारी रखा जाता है तो एक ही साइज के तीन प्लेयर्स का बना रह पाना मुश्किल होगा।’ कपूर ने कहा, ‘मौजूदा मार्केट में तो रिलायंस जियो और एयरटेल मजबूत प्लेयर हैं, लेकिन वोडा और आइडिया के मर्जर से नई बनी कंपनी यूजर्स के मामले में टॉप पर होगी और फिर नई प्राइस वॉर छिड़ सकती है।’

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