
नई दिल्ली। चीन के सरकारी मीडिया ने देश के उत्तर पश्चिम में एक मस्जिद में तोड़फोड़ करने की योजना का बचाव करते हुए कहा कि कोई भी धर्म कानून के बड़ा नहीं है। वहीं इस योजना के विरोध में हुई समुदाय के हजारों मुस्लिम धरने पर बैठे हुए हैं। निंगशिया स्वायत्त क्षेत्र के वुझोंग शहर में विझाऊ बड़ी मस्जिद में तोड़फोड़ करने की अधिकारियों की कोशिश को नाकाम कर दिया। आरोप है कि हाल में मस्जिद नवीकरण के दौरान नियमों का उल्लंघन किया गया है। प्रदर्शनकारी सप्ताहांत पर लगातार प्रदर्शन करते रहे।
सरकारी अखबार के एक लेख में कहा गया है कि चीनी लोगों को चीन के संविधान द्वारा संरक्षित धर्म की आजादी है। कोई भी धर्म देश के कानून और कायदों से ऊपर नहीं है। हांग कांग स्थित साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट ने खबर दी है कि प्रदर्शनकारी मस्जिद में डेरा डालकर बैठ गए हैं। उन्होंने बाहर निकलने से इनकार दिया है।
अखबार ने एक प्रदर्शनकारी के हवाले से कहा, ‘‘अधिकारियों ने हमें साफ जवाब नहीं दिया। जब तक सरकार यह साफ नहीं कर देती कि मस्जिद के ढांचे में कोई बदलाव नहीं किया जाएगा तब तक हम यहां डटे रहेंगे।’’
चीनी अधिकारियों ने कहा कि मस्जिद के अधिकारियों ने 2015 में नवीकरण का काम कराया था। इसके बाद मस्जिद देखने में पश्चिम एशिया की किसी मस्जिद की तरह दिखती है। वे चाहते हैं कि ‘अरब शैली के गुंबदों’ को हटाया जाए और इसकी जगह चीनी की पैगोडा शैली को स्थापित किया जाए, लेकिन समुदाय के सदस्यों को यह मंजूर नहीं है।
एक स्थानीय व्यक्ति ने कहा कि गुंबदों को उतारने के बाद मस्जिद इस्लाम का प्रतीक नहीं लगेगी। हुई मुस्लिमों के इस कदम पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है लेकिन सरकारी मीडिया ने कहा कि कोई धर्म कानून से ऊपर नहीं है।

No comments:
Post a Comment