
नई दिल्ली। बॉलीवुड में विलेन्स को जो मुकाम मिला है, वो बड़े-बड़े सुपरस्टार्स के नसीब में भी नहीं है। रंजीत से लेकर अमरीश पुरी और गुलशन ग्रोवर का अपना एक दबदबा रहा है। इसी फेहरिस्त में एक नाम आता है प्रेम चोपड़ा का। प्रेम नाम है मेरा… प्रेम चोपड़ा… उनका ये डायलॉग आज भी पुराना नहीं लगता। मगर उनके विलेन होने के अलावा भी कई ऐसी बातें हैं, जो पुरानी पड़ चुकी हैं, लेकिन हैं बहुत मज़ेदार। मसलन कम ही लोग जानते होंगे कि प्रेम चोपड़ा फिल्मों में आने से पहले अखबार में काम करते थे।
50 साल से ज्यादा समय से फिल्म इंडस्ट्री में सक्रिय प्रेम चोपड़ा की शुरुआत मुंबई में उन्हीं लोगों की तरह हुई थी, जिनकी आंखों में सपने होते हैं और जेब खाली। ऐसे में प्रेम चोपड़ा एक अखबार में नौकरी तलाशने गए। वहां उन्हें सर्कुलेशन डिपार्टमेंट में काम मिला। सर्कुलेशन डिपार्टमेंट का काम अखबार छपने के बाद उसे बेचने का होता है। प्रेम चोपड़ा ने काफी समय तक यहां काम किया।
इसके बाद शुरू हुआ उनकी फिल्मी करियर। हालांकि वह भारत विभाजन के बाद आए थे। पाकिस्तान से उनका परिवार शिमला आ गया था। उनके पापा वहीं सरकारी नौकरी करते थे। उनकी शुरुआती पढ़ाई भी वहीं हुई। पंजाब यूनिवर्सिटी में पढ़ाई के दौरान उन पर मुंबई जाने का जुनून सवार हुआ और सब कुछ छोड़कर चले आए सपनों की नगरी।
मगर यहां का सफर आसान नहीं था और मुश्किलें उन्हें प्रोडक्शन हाउसेज के बजाय अखबार के दफ्तर ले गईं। हालांकि फिर उनकी पहली हिट फिल्म भी आई- वो कौन थी। नौकरी करने के साथ-साथ ही वो फिल्मों में भी काम करने लगे। जब उन्हें लगा कि अब फिल्मों में काम सही चल रहा है, तभी उन्होंने नौकरी छोड़ी।

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