-किसानों ने की डीएम से जांच कराने की मांग
-कल नवम्बर तक निपटाना है पूरा काम, अभी नहीं हुआ आधा भी काम
मथुरा। नहर और रजवाहों की सफाई के 3.27 करोड में सबका हिस्सा है। किसान चीखचीख कर आलाधिकारियों से फरियाद कर रहे हैं कि उनके यहां रजवाह की सफाई नहीं हुई है वहीं सिंचाई विभाग ने कागजों में काम पूरा कर दिया है। ग्रामीणों का आरोप है कि जहां सफाई हुई है वहां भी ड्रेन के कुछ हिस्से की सफाई कराकर बाकी सफाई सिर्फ कागजों में पूरी कर दी गयी है।
डीएम साहब क्यों नही उड रहा आपका ड्रोनः भाकियू
भारतीय किसान यूनियन इस पूरे घोटाले के लिए जिला प्रषासन को जिम्मेदार मान रही है। भाकियू जिलाध्यक्ष राजकुमार तौमर ने जिलाधिकारी से मांग की है कि इस घोटाले की निष्पक्ष जांच कराई जाये। उन्होंने कहाकि जिलाधिकारी ने ड्रोन से रजवाह साफाई की निगरानी का दावा किया था, उनका ड्रोन कहीं उडता नहीं दिखा।
डीएम साहब पैंठा ड्रेन की साफाई में हुआ घपला
इसमें गोवर्धन के पास से जमुनावता होकर जाने वाली पैंठा ड्रेन की भी सफाई का कार्य कराया गया था। ग्राम जमुनावता पालई ब्राह्मणान के प्रधान प्रतिनिधि अभिमन्यु सैनी ने षिकायत की है कि सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने इस ड्रेन के मात्र सड़क के किनारे के कुछ हिस्से में कार्य कराया है।.
140 माइनर और रहवाहों की होनी है साफाई
-140 से अधिक रजवाह, माइनर व अल्पिका का सिल्ट सफाई का कार्य षुरू किया है। बल्देव, दघैंटा, रदोई, छडगांव नैनूपट्टी , फौंडर, रसूलपुर, रामपुर आदि माइनरों की सफाई नहीं हुई है, जबकि कागजों में काम पूरा दिखा दिया गया है।
नहीं मिलेगा सर्वे के लिए मौका
नवम्बर के पहले सप्ताह में रजवाहों में पानी छोडे जाने पर सफाई कार्य के सर्वे का मौका नहीं मिलेगा। दो अक्टूबर तक किसी भी स्थिति में साफाई कार्य पूरा नहीं हो पाएगा। ऐसे में किसानों को भी कम संबंधी षिकायत का मौका नहीं मिलोगा और षिकायत करते हैं तो सर्वे की स्थिति ही नहीं बनेगी।
जानबूझकर आखिरी समय के लिए टाला जाता है काम
सिंचाई विभाग हर साल इसी तरह अपने काम को अंजाम देता है। काम पूरा करने के आखिरी दिनों तक काम को लटका कर रखा जाता है, जब काम पूरा करने का दबाव बनता है तो आनन फानन में रिपोर्ट तैयार कर सौंप दी जाती है।
नवम्बर के पहले सप्ताह में रजवाहों में आ जाएगा पानी
नवम्बर के पहले सप्ताह में रजवाहों में पानी आ जायेगा। रवी सीजन की फसलों की बुआई षुरू हो चुकी है। नवम्बर के पहले सप्ताह में गैहूं की बुवाई बडे पैमाने पर षुरू हो जाएगा। इसके लिए किसान अभी से जिला प्रषासन से रजवाहों में पानी छोडने की मांग कर रहे हैं। दो अक्टूबर के बाद कभी भी रजवाहों में पानी छोडा जा सकता है। खुद सिंचाई विभाग के अधिकारी मान कर चल रहे हैं कि नवम्बर के पहले सप्ताह में पानी छोडा जा सकता है।

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