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Sunday, 28 October 2018

आतंकवाद, जलवायु परिवर्तन से निपटने मिलकर काम करने की जरूरत : मोदी

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि सिर्फ युद्ध रोक लेने से शांति सुनिश्चित नहीं की जा सकती। उन्होंने कहा कि इसके बजाए आतंकवाद, जलवायु परिवर्तन, आर्थिक विकास और सामाजिक न्याय जैसे मुद्दों से निपटने के लिए ’एकजुट वैश्विक सहयोग’ की जरूरत है। मोदी ने यह टिप्पणी अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम ’मन की बात’ के 49वें संस्करण में 11 नवंबर से पहले की। 11 नवंबर को प्रथम विश्वयुद्ध के समाप्त होने के 100 साल पूरे हो रहे हैं।

प्रधानमंत्री ने कहा कि भले ही भारत का प्रथम विश्वयुद्ध से सीधे तौर पर कोई लेना-देना नहीं था, लेकिन यह एक महत्वपूर्ण घटना थी, क्योंकि भारतीय सैनिकों ने इसे बहादुरी से लड़ा और अपने जीवन का बलिदान कर बहुत बड़ी भूमिका निभाई। मोदी ने कहा, “प्रथम विश्वयुद्ध के दौरान दुनिया ने मृत्यु और विनाश का नंगा नाच देखा था। करीब एक करोड़ सैनिकों और लगभग इतनी ही संख्या में नागरिकों ने अपनी जान गंवाई थी। इसने पूरी दुनिया को शांति के महत्व का अहसास कराया और समझाया।“

उन्होंने कहा, “पिछले 100 वर्षों में शांति की परिभाषा बदल गई है।“ मोदी ने कहा, “आज शांति का मतलब सिर्फ युद्ध न होना नहीं है। आतंकवाद, जलवायु परिवर्तन, आर्थिक विकास से लेकर सामाजिक न्याय जैसे मुद्दों के हल के लिए वैश्विक सहयोग और समन्वय के साथ काम करने की आवश्यकता है। गरीब से गरीब व्यक्ति का विकास ही शांति का सच्चा प्रतीक है।“ जलवायु परिवर्तन पर प्रधानमंत्री ने कहा कि लोगों को केवल अपने समृद्ध इतिहास और परंपराओं की ओर देखना है और अपने जनजातीय समुदायों की जीवनशैली को समझना है, जो प्रकृति के साथ घनिष्ठ सामंजस्य बनाकर रहते हैं।

उन्होंने कहा, “जनजातीय समुदाय बहुत शांतिपूर्ण और आपस में मेलजोल के साथ रहने में विश्वास रखता है, पर जब कोई उनके प्राकृतिक संसाधनों का नुकसान कर रहा हो तो वे अपने अधिकारों के लिए लड़ने से नहीं डरते हैं।“ मोदी ने पंजाब के एक किसान गुरबचन सिंह का उदाहरण दिया, जिन्होंने अपने बेटे की शादी के दौरान दुल्हन के पिता से अपने खेतों में पराली नहीं जलाने का वादा लिया था। उन्होंने पंजाब के कल्लर माजरा के किसानों का उल्लेख किया, जो धान की पराली जलाने के बजाय उसे जोतकर उसी मिट्टी में मिला देते हैं। उन्होंने कहा, “यह छोटा रचनात्मक कदम सकारात्मक माहौल बनाने में बहुत बड़ी भूमिका अदा करता है।“

मोदी ने भारत को एकजुट करने के लिए सरदार वल्लभ भाई पटेल के योगदान को याद किया और कहा कि राष्ट्र दुनिया की उनकी सबसे गगनचुंबी प्रतिमा का अनावरण कर 31 अक्टूबर को उनकी जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि देगा। पैरा-एशियाई खेलों और युवा ओलम्पिक खेलों में भारतीय खिलाड़ियों के शानदार प्रदर्शन की प्रशंसा करते हुए उन्होंने कहा कि देश केवल खेलों में ही नहीं, बल्कि नए क्षेत्रों में भी रिकॉर्ड कायम कर रहा है। मोदी ने कहा कि भावना, ताकत, कौशल और क्षमता खेल जगत में भारत के मूल आधार के प्रमुख तत्व हैं।

2017 में फीफा अंडर-17 विश्व कप की सफलतापूर्वक मेजबानी को याद करते हुए मोदी ने कहा कि भारत भुवनेश्वर में पुरुष हॉकी विश्व कप 2018 की मेजबानी कर रहा है, जो 28 नवम्बर से 16 दिसम्बर तक जारी रहेगा। आईटी कंपनियों के कर्मचारियों को सामाजिक गतिविधियों के लिए प्रेरित करने के मद्देनजर लॉन्च किए गए ’सेल्फ फॉर सोसायटी’ पोर्टल का उल्लेख करते हुए मोदी ने कहा कि उनके उत्साह और लगन को देख कर हर भारतीय को गर्व महसूस होगा। प्रधानमंत्री ने सिक्किम को टिकाऊं खाद्य प्रणाली के प्रोत्साहन के लिए प्रतिष्ठित फ्यूचर पॉलिसी गोल्ड अवॉर्ड 2018 जीतने के लिए बधाई दी और कहा कि पूर्वोत्तर क्षेत्र ने जैविक-कृषि में अपार प्रगति की है।

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