नई दिल्ली: राजधानी में महिलाओं के साथ आपराधिक मामले घटने का नाम नहीं ले रहे हैं. हाल ही में दिल्ली के कंझावला इलाके में एक नाबालिग के साथ यौन शोषण और एक युवती के साथ रेप का मामला सामने आया है. दोनों पीड़िताओं ने बताया कि जिसने उनके साथ इस वारदात को अंजाम दिया है, वह खुद को पुलिसकर्मी बता रहे थे. इन वारदातों से अब पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं.
जिन महिलाओं के साथ इस वारदात को अंजाम दिया गया है, वह रिश्ते में एक-दूसरे की मौसी और भांजी हैं. आरोप है कि आरोपियों ने उन्हें घंटों कार में बैठाकर घुमाया. फिर एक सुनसान जगह ले जाकर वारदात को अंजाम दिया गया. इस मामले में कंझावला थाने की पुलिस ने आरोपियों का स्कैच बनाकर तलाश शुरू कर दी है. वहीं दोनों पीड़िताएं कोर्ट के समक्ष पेश हुईं.
घर छोड़ देने के बहाने बैठा लिया कार में
पीड़ित लड़कियों के अनुसार दोनों ही कंझावला इलाके की रहने वाली हैं और रविवार शाम को किसी काम से बेगमपुर तक गई थी. शाम को घर लौटते समय अपने पड़ोस में रहने वाले 2 लोगों के साथ घर जा रही थीं कि तभी 2 लोग आए, जिनके हाथ मे डंडा भी था और अपने आप को पुलिसकर्मी बता रहे थे. इसके बाद उन्होंने चारों लड़के-लड़कियों को धमकाया और फिर दोनों लड़कों को पीटकर वहां से भगा दिया. उसके बाद आरोपियों ने दोनों लड़कियों को धमकाकर अपनी गाड़ी में ये कहकर बैठा लिया कि हम तुम्हें घर छोड़ देंगे.
घंटों कार में घुमाने के बाद ले गए सुनसान जगह
पीड़िताओं ने बताया कि आरोपी उनको जबरन अपनी कार में घंटों कंझावला इलाके में घुमाते रहे. उसके बाद एक सुनसान जगह ले जाकर गाड़ी साइड में लगाकर एक आरोपी ने एक लड़की के साथ कार में रेप किया जबकि दूसरे ने गाड़ी से बाहर नाबालिग छात्रा के साथ शारीरिक छेड़छाड़ की. इसके बाद दोनों ही उन्हें वहां छोड़कर फरार हो गए. जैसे-तैसे बदहवास हालात में दोनों बाहर सड़क तक आईं और वहां खड़ी PCR वैन पर मौजूद पुलिसकर्मियों को अपने आप बीती बताई.
आरोपियों की तलाश में जुटी पुलिस
मामले का पता पड़ते ही पुलिस ने जांच शुरू कर दी. और मंगोलपुरी स्थित संजय गांधी अस्पताल में पीड़िताओं का मेडिकल कराया. बरहाल पुलिस ने पीड़ित लड़कियों के बताए गए आधार पर आरोपियों का स्कैच बनवाकर तलाश में जुट गई है.

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