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Tuesday, 30 October 2018

खानपान मे लेते है हाई प्रोटीन आहार तो इस गंभीर बीमारी का खतरा है ज्यादा

नई दिल्ली। खराब खानपान के कारण शरीर में यूरिक एसिड की समस्या हो जाती है। यह आज कल लोगों के बीच एक गंभीर समस्या बन कर उभरी है। एक रिसर्च में इस बात का खुलासा हुआ है कि शरीर में प्यूरिन के टूटने से यूरिक एसिड बनता है। प्यूरिन आपके शरीर में नहीं बल्कि खाने वाले चीजों में पाया जाता है। खाने वाले चीजों में मुख्यत: स्वीट्स, डेरी प्रोडक्ट, ज्यादातर दूध वाले आईटम में पाए जाते हैं।

इसके शुरूआती लक्षण जोड़ों में दर्द और शरीर में जकड़न महसूस होना है। अगर इसका इलाज सही समय पर न किया तो यह आगे चलकर गठिया, किडनी स्टोन, डायबिटीज और रक्त विकार जैसी कई परेशानिया बढ़ने लगती हैं। इसे कंट्रोल में रखना बहुत जरूरी है।

यह कार्बन, हाइड्रोजन, ऑक्सीजन और नाइट्रोजन जैसे तत्वों से मिलकर बना कम्पाउंड होता है जो शरीर को प्रोटीन से एमिनो अम्लों के रूप में प्राप्त होता है। इसकी मात्रा यूरिन के जरिए शरीर से बाहर निकल जाती है लेकिन जब शरीर में इस तत्व की मात्रा बढ़ जाती है तो यूरिक एसिड शरीर में जमा होने लगता है। जो हड्डियों को नुकसान पहुंचाता है। जिससे गठिया रोग होने का डर रहता है।

क्यों होती है यूरिक एसिड की परेशानी

जब रोग प्रतिरोधक कमजोर होती है तो शरीर बीमारियों को चपेट में बहुत जल्दी आ जाता है। शरीर में यूरिक एसिड बढ़ने का मुख्य कारण बैलेंस डाइट का अभाव है। जो लोग प्रोटीन युक्त आहार का जरूरत से ज्यादा सेवन करते हैं तो धीरे-धीरे शरीर में यूरिक एसिड बढ़ने लगता है। इसके अलावा 35 साल की उम्र के लोग इस परेशानी से जल्दी घिर जाते हैं।

लक्षण

पैरों-जोड़ों में दर्द

एड़ियों में दर्द

गांठों में सूजन

सोते समय पैर में जकड़न

लगातार बैठने और उठने में एड़ियो में असहनीय दर्द

शूगर लेवल का बढ़ना

क्या खाएं और किन चीजों से करें परहेज

यूरिक एसिड को कंट्रोल में रखने के लिए परहेज सबसे ज्यादा जरूरी है। हाई प्रोटीन आहार को ज्यादा मात्रा में सेवन करने से यह समस्या और भी ज्यादा बढ़ने लगती है। खान-पान में परहेज करने से इस परेशानी से राहत पाई जा सकती है।

न खाएं ये आहार

दही

दही, चावल, ड्राई फ्रूट्स, दाल और पालक बंद कर दें। इनमें प्रोटीन बहुत ज्यादा होता है।

दाल चावल

रात को सोते समय दूध या दाल का सेवन करना हानिकारक है। इससे शरीर में ज्यादा मात्रा में यूरिक एसिड जमा होने लगता है। छिलके वाली दालों से पूरी तरह परहेज करें।

नॉन वेज

नॉन वेज खाने के शौकीन है तो मीट, अंडा, मछली का सेवन तुरंत बंद करें। इसे खाने से यूरिक एसिड तेजी से बढ़ता है।

बेकरी फूड्स

बेकरी फूड जैसे कि पेस्ट्री, केक, पैनकेक, क्रीम बिस्कुट इत्यादि ना खाएं। ट्रांस फैट से भरपूर खाना यूरिक एसिड की मात्रा बढ़ाता है।

खाने के बाद पानी

पानी पीने के नियम भी जरूर फॉलो करना चाहिए। खाना खाते समय पानी ना पीएं, पानी खाने से डेढ़ घंटे पहले या बाद में ही पीना चाहिए।

सोया मिल्क

यूरिक एसिड की परेशानी से बचने के लिए सोया मिल्क, जंक फूड,चटपटे खाद्य पदार्थ, ठंडा पेय, तली-भूनी चीजें न खाएं।

शराब और अल्कोहल

शराब, कैफीन, अल्कोहल, धूम्रपान जैसे पदार्थों का सेवन ना करें। इन चीजों से यूरिक एसिड बढ़ जाता है। इनमें यीस्‍ट होता है जो सेहत के लिए नुकसानदायक है।

यूरिक एसिड में खाएं ये चीजें

सेब का सिरका

सेब का सिरका शरीर में ब्लड के पीएच वॉल्यूम को बढ़ाकर यूरिक ऐसिड को कम करने में मदद करता है।

छोटी इलायची

रात को सोने से पहले 2 हरी छोटी इलायची 1 गिलास गुनगुने पानी के साथ खाएं।

प्याज

प्याज शरीर में मेटाबॉलिज्म और प्रोटीन की मात्रा को बढ़ाता है। जब इन दोनों की मात्रा शरीर में बढ़ जाती है तो यूरिक एसिड लेवल कंट्रोल हो जाएगा।

पानी का सेवन

शरीर से यूरिक एसिड की मात्रा को निकालने के लिए पर्याप्त मात्रा में पानी पीएं। थोड़ी-थोड़ी देर पानी पीते रहें। दिन में 10-12 गिलास पानी का सेवन करें।

विटमिन-सी

डाइट में संतरा,आंवला आदि विटामिन सी युक्त आहार शामिल करें।

अजवाइन

अजवाइन का सेवन करने से यूरिक एसिड की मात्रा कंट्रोल रहती है।

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