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Tuesday, 30 October 2018

केजीएमयू के इस दीक्षांत समारोह में रहा बेटियों का रुतबा

लखनऊ! किंग जाॅर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय के 14वें दीक्षांत समारोह का आयोजन मंगलवार को अटल बिहारी वाजपेयी कन्वेंशन सेंटर में भव्य आयोजन किया गया ।,कार्यक्रम के मुख्य अतिथि यूनिवर्सिटी के नेशनल रिसर्च प्रोफेसर एवं प्रसिद्ध काॅर्डियक थौरेसिक वैसकुलर सर्जन डाॅ एमएस वालियाथन थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता राम नाइक कुलाधिपति व राज्यपाल के द्वारा किया गया

126 मेडिकोज को दिए गए 306 मेेडल व अवार्ड

इस सुअवसर पर कुलाधिपति एंव राज्यपाल द्वारा 126 मेडिकोज को मेडल प्रदान किए गए। मेडल पाने वालों में 66 प्रतिशत संख्या छात्राओं की एवं 33 प्रतिशत संख्या छात्रों की रही।

प्रो बलराम भार्गव और प्रो शिव कुमार सरीन को डीएससी की मानद उपाधि

14 वें दीक्षांत समारोह के सुअवसर पर केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय के हेल्थ रिसर्च विभाग के सेके्रटरी प्रो बलराम भार्गव और इंस्टीट्यूट आॅफ लीवर एंड बिलेयरी साइंसेस, नई दिल्ली के निदेशक प्रो0 शिव कुमार सरीन को डीएससी की मानद उपाधि प्रदान की गई। इस अवसर पर प्रो बलराम भार्गव एवं प्रो शिव कुमार सरीन ने मेडल पाने वाले सभी छात्र-छात्राओं को बधाई दी।

इन स्टूडेंट्स को मिला हीवेट और चांसलर मेडल

इस साल के प्रतिष्ठित हीवेट मेडल वर्ष 2013 एमबीबीएस की छात्रा कृतिका गुप्ता को दिया गया, जबकि अरमीन अली को चांसलर मेडल दिया गया। कृतिका ने एमबीबीएस की फाइनल प्रोफेशनल की परीक्षा में सबसे अधिक अंक हासिल किए हैं, जबकि एमबीबीएस के सभी प्रोफेशनल वर्ष में शानदार प्रदर्शन किए जाने पर अरमीन अली को चांसलर मेडल दिया गया। इसके साथ ही दीपशिखा त्रिपाठी सबसे ज्यादा मेडल पाने वाली स्टूडेंट बनी। उन्हें एचडी गुप्ता मेमोरियल गोल्ड मेडल समेत कुल 20 मेडल मिले, इसमें से 19 गोल्ड और एक सिल्वर मेडल शामिल है।

इस 14वें दीक्षांत समारोह में दो नए मेडल अवार्ड की हुई शुरूआत

14वें दीक्षांत समारोह में दो नए मेडल डाॅ रामबिहारी सिंह एवं पद्मश्री डाॅ सव्यसांची सरकार गोल्ड मेडल अवार्ड की शुरूआत की गई। नर्सिंग में उत्कृष्टता के लिए पद्मश्री डाॅ सव्यसांची सरकार गोल्ड मेडल अवार्ड एमएससी नर्सिंग की छात्रा पल्लवी राय को दिया गया। पल्लवी राय को दोनों सेमेस्टर में बेहतरीन परफाॅरमेंस के लिए यह मेडल दिया गया और डाॅ रामबिहारी सिंह मेडल सर्जरी में टाॅप करने वाली छात्रा डाॅ प्रियांशी दुदेजा को दिया गया।

इनको मिले गोल्ड मेडल

डाॅ दीपशिखा त्रिपाठी को 19 गोल्ड और एक सिल्वर मेडल, डाॅ अंशिका मिश्रा को नौ गोल्ड मेडल, डाॅ अरमीन अली को तीन गोल्ड मेडल, डाॅ प्रियांशी दुदेजा, डाॅ पल्लवी राय, डाॅ गायत्री गर्ग, डाॅ निशांत गौरव भारद्वाज, डाॅ अदिति मिश्रा, डाॅ निदा खान, डाॅ हिमांशी पाण्डेय, डाॅ स्नेह किरन रघुवंशी, डाॅ बृजेंद्र बहादुर सिंह, डाॅ प्रणव कुमार यादव, डाॅ दिशा तिवारी, डाॅ अर्जुमान्द अहान, डाॅ रोहित अग्रवाल, डाॅ आतिया समरीन, डाॅ अरोही गुप्ता, डाॅ मेघनाथन, डाॅ पुरषोतम कुमार बघेल, डाॅ सुकीर्ति आहूजा, डाॅ निधि भटनागर, डाॅ तूलिका कुमारी, डाॅ अर्पिता गुप्ता, डाॅ अजय प्रताप सिंह, डाॅ प्राची राय, डाॅ शिखा वर्मा, डाॅ सुगंधा जौहरी, डाॅ सुजाता सिंह, डाॅ मीटू गोयल, डाॅ सुभी पाण्डेय, डाॅ पदनाभन कंडास्वामी, डाॅ वंकार समीर गनपत, डाॅ हरिकृष्णन वी, डाॅ सनी गोयल, डाॅ सुधाकर पाण्डेय, डाॅ गुरूप्रसाद रेड्डी, डाॅ मनन मयूर मेहता, डाॅ एल मनीकंदन

प्रो सीजी अग्रवाल को मिला लाइफ टाइम अचीवमेंट अवार्ड

दीक्षांत समारोह में मेडिसिन विभाग के प्रो सीजी अग्रवाल कोे सर्वश्रेष्ठ चिकित्सकीय सेवाओं के लिए डाॅ केबी भाटिया गोल्ड मेडल एंड लाइफ टाइम अचीवमेंट अवार्ड से सम्मानित किया गया।
केजीएमयू के कुलपति प्रो एमएलबी भटट् ने बताया गया कि 150 एकड़ क्षेत्र में विस्थापित यह विश्वविद्यालय जहां पर 3500 से अधिक चिकित्सा दंत, नर्सिंग एवं पैरा मेडिकल के छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं तथा 500 से अधिक चिकित्सक, 750 रेजीडेंट तथा 5000 कर्मचारी कार्यरत हैं। साथ ही चिकित्सा विश्वविद्यालय का गांधी मेमोरियल अस्पताल 4000 से अधिक बेड की क्षमता वाला है, जहां पर प्रतिदिन लगभग 10 हजार मरीजों को वाह्य रोग विभाग द्वारा चिकित्सा सेवा उपलब्ध कराई जाती है। उन्होंने बताया कि मानव संसाधन मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा इस वर्ष चिकित्सा विश्वविद्यालय को बेस्ट टीचिंग लर्निंग रिर्सोसेस संस्थान घोषित किया गया है। इसके साथ ही चिकित्सा विश्वविद्यालय के प्रोस्थोडोंटिक विभाग को उत्कृष्ट लैब क्वालिटी
न्धन के लिए आईएसओ का प्रमाणपत्र प्रदान किया गया है। इसके साथ ही उन्होंने बताया कि केजीएमयू को नेशनल इंस्टीट्यूट आॅफ रैंकिंग फ्रेमवर्क ;एनआईआरएफ द्वारा देश भर में पांचवा स्थान दिया गया है।

कुलपति ने चिकित्सा विश्वविद्यालय की अन्य उपलब्धियो के बारे में बताया कि संस्थान में इस वर्ष 3 नवीन विभागों ;स्पोट्स मेडिसिन, पेडियाट्रिक आॅर्थोपेडिक एवं गेरियाट्रिक मेडिसिन विभाग की स्थापना की गई है तथा वर्ष 2018-19 के लिए पीजी की 37 सीटों में बढ़ोतरी हुई है जिसमे चिकित्सा विश्वविद्यालय को पॉवर ग्रिड कारपोरेशन द्वारा रैन बसेरों के निर्माण केलिए 7.5 करोड़ रूपए तथा एनटीपीसी द्वारा बर्न यूनिट के लिए 11. 2 करोड़ रूपए का अनुदान प्राप्त हुआ है। इसके साथ ही चिकित्सा विश्वविद्यालय द्वारा भारत सरकार की अति महत्वाकांक्षी योजना आयुष्मान भारत के अंर्तगत दिनांक 11 अक्टूबर 2018 को एसटीवीएमस विभाग में मरीज के हदृय सर्जरी संपादित की गई।

स्व0 अटल  की स्मृति में चिकित्सा विश्वविद्यालय का सैटेलाइट कैम्पस का       निर्माण

भविष्य की योजनाओं में बलरामपुर जिले में उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा प्राप्त अनुदान से स्व0 अटल बिहारी वाजपेयी जी की स्मृति में चिकित्सा विश्वविद्यालय का सैटेलाइट कैम्पस का निर्माण प्रस्तावित है। इस सैटेलाइट कैम्पस की चिकित्सा विश्वविद्यालय का अत्यंत आवश्यकता है, क्योंकि चिकित्सा विश्वविद्यालय मे निरंतर कार्यक्षेत्र का विस्तार होता जा रहा है।
कुलपति द्वारा अपने प्रबोधन के अन्त में चिकित्सा विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राओं को जाॅर्जियंस की उपाधि की महत्ता के बारे में बताते हुए संस्थान के गौरव को बनाए रखने का संदेश दिया।

दीक्षांत समारोह के मुख्य अतिथि मनीपाल यूनिवर्सिटी के नेशनल रिसर्च प्रोफेसर डाॅ एमएस वालियाथन ने मेडल पाने वाले छात्र-छात्राओंको बधाई दी। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि अपने वर्षो के अनुभव को सांझा करते हुएचिकित्सा क्षेत्र से जुड़ी जानकारियां दी। उन्होंने बताया कि एक बेहतरीन चिकित्सक बनने के लिए कड़ी पे्रक्टिस की जरूरत होती है, साथ ही मरीजों के साथ बेहतर व्यवहार करके ही आप बेहतर चिकित्सा सेवा कर सकेंगे।
इस अवसर पर उत्तर प्रदेश के राज्यपाल एवं राम नाइक ने अपने प्रबोधन मे कहा कि केजीएमयू के लिए यह 14वां दीक्षांत समारोह है लेकिन आज यहां उपस्थित छात्र-छात्राओं के लिए यह पहला दीक्षांत समारोह है। इसके साथ ही उन्होंने केजीएमयू की प्रगति एवं चिकित्सा विश्वविद्यालय द्वारा हासिल की गई उपलिब्धयों का जिक्र करते हुए प्रशंसा की।
दीक्षांत समारोह में छात्राओं द्वारा ज्यादा संख्या में मेडल जीते जाने पर उन्होंने हर्ष व्यक्त करते हुए बताया कि बीते वर्ष राज्य के 26 विश्वविद्यालयों में 15 लाख 60 हजार छात्र-छात्राओं ने डिग्री हासिल की, जिसमें से 51 प्रतिशत डिग्रियां लड़कियों ने हासिल की। इसके साथ ही इस वर्ष 26 में से 22 विश्वविद्यालयों के आकड़े बताते हुए उन्होंने कहा कि इस वर्ष 22 विश्वविद्यालयों से ही 15 लाख 97 हजार छात्र-छात्राएं डिग्री ले चुके हैं, जिसमे 52 प्रतिशत लड़कियां हैं। उनहोंने इसे महिला सशक्तिकरण एवं ’बेटी बचाओं, बेटी पढ़ाओ’ अभियान के सफल होने का बेहतरीन उदहारण बताया। इस अवसर पर उन्होंने मेडल पाने वाले सभी छात्र-छात्राओं को बधाई द

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