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Sunday, 27 January 2019

मासिक पेंशन की राशि अब हो सकती है 10,000 रुपये

सेवानिवृति के बाद लोगों को आर्थिक रूप से मजबूत रखने के लिए अटल पेंशन योजना को और आकर्षक बनाने की तैयारी चल रही है। ऐसी उम्मीद ही अंतरिम बजट में इस योजना के तहत मिलने वाली मासिक पेंशन की राशि को दोगुना कर 10,000 रुपये की जा सकती है जो अभी अधिकतम 5000 रुपये है। साथ ही प्रवेश की ऊपरी आयु सीमर 40 वर्ष से बढ़ाकर 50 वर्ष हो सकती है। हाल ही में वित्तीय सेवा सचिव राजीव कुमार ने बताया कि वित्त मंत्रालय पेंशन फंड नियामक एवं विकास प्राधिकरण (पीएफआरडीए) की ओर से दिए गए सुझावों पर विचार कर रहा है। अगर ऐसा होता है तो रिटायरमेंट प्लानिंग के लिए बचत करने के लिए यह एक अच्छी योजना बन जाएगी। इस योजना से जुड़ी सभी खास बातों पर पेश है हिन्दुस्तान टीम की रिपोर्ट।

नियमित आय का जरिया है एपीवाई
सरकार ने मई 2015 में अटल पेंशन योजना (एपीवाई) शुरू किया था। इसका उद्देश्य असगंठित क्षेत्र में काम करने वाले लोगों को सेवानिवृति के बाद पेंशन के रूप में नियमित आय का जरिया देना है। एपीवाई में कोई भी भारतीय 18 से 40 की उम्र में निवेश शुरू कर सकता है। हालांकि, उम्र की सीमा बढ़ाकर 50 साल करने की तैयारी है। हालांकि, इस योजना का लाभ अभी तक वही व्यक्ति ले सकते हैं जो आयकर के दायरे में नहीं आते हैं। इसके अलावे सरकारी कर्मचारी या पहले से ही ईपीएफ, ईपीएस जैसी योजना का लाभ ले रहे व्यक्ति भी एपीवाई का हिस्सा नहीं बन सकते हैं।

इस तरह शुरू करें निवेश
एपीवाई में निवेश करने के लिए सबसे पहले व्यक्ति के पास बैंक या पोस्ट ऑफिस में बचत खाता होना जरूरी है। अगर बैंक या पोस्ट ऑफिस में खाता नहीं है तो नया बचत खाता खोलना होगा। इसके बाद उस शाखा में जाकर एपीवाई रजिस्ट्रेशन फॉर्म आवेदनकर्ता को भरना होता है। इसमें व्यक्तिगत जानकारियां, आधार,मोबाइल नंबर, बैंक खाते की जानकारी और मासिक योगदान की रकम भरना होता है। इसके बाद बैंक या पोस्ट ऑफिस आपके खाते में जमा रकम से एपीआई में निवेश शुरू कर देते हैं।

निवेश का आसान विकल्प उपलब्ध
एपीआई में योगदान मासिक, तिमाही या छमाही अंतराल पर बचत बैंक खाता या डाकघर बचत बैंक खाते से ऑटो डेबिट सुविधा के माध्यम से होता है। निवेशक अपनी सुविधा के अनुसार माह में किसी एक दिन तय कर सकते हैं। उसी तारीख को उनके खाते से पैसा डेबिट होगा। इसी तरह तिमाही या छमाही निवेश करने वाले भी निवेशक तारीख का चयन कर सकते हैं। हां, यह जरूरत सुनिश्चत करें कि उस तारीका को आपके बचत खाते में निवेश की रकम का भुगतान करने के लिए रकम हो।

कब पेंशन मिलना शुरू होगा
एपीआई के तहत पेंशन 60 वर्ष की आयु पूरी हो जाने के बाद से आपको हर महीने आजीवन मिलती रहेगी। इसमें लाभार्थी की मृत्यु के बाद उसकी पत्नी को हर महीने पेंशन मिलते रहेंगे। पति-पत्नि दोनों की मृत्यु के बाद बच्चों को पेंशन योजना का सारा कॉर्पस एक मुश्त बच्चों को मिल जाएगा।

देरी से भुगतान पर देना होता है शुल्क
एपीआई में देरी से भुगतान पर बैंक या पोस्ट ऑफिस पेनल्टी वसूलते हैं। पीएफआरडीए के नियम के तहत मासिक भुगतान में देरी होने पर प्रत्येक 100 रुपये पर 1 रुपये प्रति माह शुल्क वसूलते हैं। इसी तरह तिमाही या छमाही भुगतान में देरी पर योगदान के लिए बाकी ब्याज के हिसाब से पेनल्टी वसूल किया जाता है।

बंद हो जाता है खाता
पीएफआरडीए के नियम के मुताबिक छह महीने तक अगर आपने खाता में रकम नहीं डाली, तो आपका अकाउंट फ्रीज कर दिया जाएगा, 12 महीने तक नहीं डाली तो खाता निष्क्रिय और 24 महीने तक रकम न डालने पर खाता बंद कर दिया जाता है।

इन बातों का रखें ख्याल
अटल पेंशन योजना में आप जितनी जल्दी निवेश शुरु करेंगे उतना कम प्रीमियम आपको अदा करना पड़ेगा। यदि आप 18 की बजाय 35 वर्ष की आयु में योजना शुरु करेंगे तो आपको ज्यादा प्रीमियम का भुगतान करना होगा। इसलिए आप 20 से 25 वर्ष की आयु में ही अटल पेंशन योजना के लिए आवेदन करें तो काफी फायदेमंद होगा। हालांकि बाद की उम्र में भी ये योजना सही रहेगी पर आपको प्रीमियम ज्यादा देना होगा।

अन्य महत्वपूर्ण जानकारी-

पेंशन बंद नहीं होगी
योजना के तहत निवेश करने वाले की अगर मौत हो जाए तो उसके पति या पत्नी खाता में योगदान जारी रखकर योजना का लाभ पा सकते हैं। दूसरा विकल्प है कि मौत होने पर पति या पत्नी एकसाथ पेंशन खाता में जमा की गई राशि एक साथ ले सकते हैं। वहीं दोनों की मौत होने पर यह रकम किसी अन्य नॉमिनी को मिलेगी।

आयकर छूट का फायदा
योजना में खाताधारक को पैसा जमा करने पर आयकर में भी छूट मिलती है। निवेशक आयकर की धारा 80 सीसीडी (1) और धारा 80 सीसीडी (1 बी) के तहत कर छूट का लाभ ले सकते हैं। धारा 80 सीसीडी (1) के तहत, सालाना 1.5 लाख रुपये तक कर छूट प्राप्त कर सकते हैं। हालांकि, परिपक्वता के बाद (60 वर्ष की आयु के बाद) प्राप्त पेंशन आय कर योग्य है। आपको हर वर्ष उस आय पर अपनी टैक्स स्लैब के हिसाब से कर देना होगा|

पेंशन राशि घटना या बढ़ाना संभव
अटल पेंशन योजना में पेंशन राशि को घटाना या बढ़ाना संभव है। पेंशन योजना में इस बात का प्रावधान है| यह आप वर्ष में एक बार अप्रैल के महीने में कर सकते हैं। हां, पेंशन में बदलाव आप केवल 60 वर्ष की आयु से पहले ही कर सकते हैं।

गारंटीयुक्त पेंशन स्कीम
अटल पेंशन योजना भारत सरकार द्वारा असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले लोगों के लिए शुरू की गई गारंटीयुक्त पेंशन स्कीम है जिसका प्रबंधन पीएफआरडीए (पेंशन फंड नियामक एवं विकास प्राधिकरण) करता है। हाल ही में वित्त मंत्रालय ने ऑनलाइन खता ट्रैक करने की सुविधा शुरू की गई है।

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