लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में आबकारी विभाग की सख्ती के बावजूद कुछ शराब दुकानदार नियमों का उल्लंघन कर रहे हैं। इसकी बानगी इंदिरानगर के मुंशी पुलिया चौराहे पर स्थित देशी शराब की दुकान पर देखने को मिली। इस दुकान के अनुज्ञापी त्रिवेंद्र सिंह हैं। इस दुकान पर विभागीय नियमों की धज्जियां उस वक्त उड़ती दिखी जब पूरा देश गणतंत्र दिवस का राष्ट्रीय पर्व मना रहा था। नियमानुसार राष्ट्रीय त्योहारों पर अमनचैन बनाये रखने के लिए शराब की दुकाने बंद रहनी चाहिये लेकिन देशी शराब के ठेके पर गणतंत्र दिवस के दिन दुकानदार ने शटर बंद कर धड़ल्ले से शराब बेची। इतना ही नहीं शहर की अधिकांश शराब की दुकानों पर निर्धारित समय के बाद भी शराबों की बिक्री की जा रही है। आबकारी अधिनियम की जानकारी विभागीय अधिकारियों की ओर से समस्त देशी शराब, अंग्रेजी शराब और बियर शाप दुकानदारों को दी जाती है। इसका पालन कराने का प्रयास होता है। फिर भी लखनऊ में दबंगई से दुकान चलाने वाले शराब दुकानदारों पर नियम कानून का बहुत असर नहीं होता। यहीं कारण है कि सुबह दस बजे से पहले और रात्रि दस बजे के बाद भी शराब की दुकानों से शराब की बोतलों की बिक्री होती है।
कहीं खुले आम तो कहीं शटर के नीचे से बिकी शराब
गणत्रंत्र दिवस पर खींची गई तस्वीरों में साफ तौर पर दिखाई दे रहा है कि लोग पीने के लिए शराब खरीद रहे हैं। शराब पीने वालों की मनचाही बोतल उन्हें नियम के विरुद्ध बेसमय उपलब्ध कराई जाती है। इसके अलावा थाना हसनगंज के मदेयगंज पुलिस चौकी के निकट शराब की दुकान को खोले बिना सुबह से ही शराब बेची जा रही है। सूत्रों के मुताबिक, शनिवार को गणतंत्र दिवस के अवसर पर शराब पीने वालों की संख्या बढ़ने पर इस दुकान के शटर के नीचे से एक के एक कई बोतलों को बेचा गया। इसी तरह दूसरी जगह, नाका थाना क्षेत्र में चारबाग मार्ग पर शराब की दुकान पर खिड़की से शराब बेची गयी। सुबह के समय शराब बेचने वाली खिड़की खोल दी गयी और वहां से हाथ डालकर रुपये लेने व बोतल देने का सिलसिला जारी रहा। कैसरबाग के नवीन मार्केट में देशी शराब की दुकान और बियर शाप आमने सामने है। जहां दोनों ही जगहों पर कटे हुए हिस्से से चोरी छिपे धड़ल्ले से बोतले बेची गयी और शराब पीने वालो की मांग पूरी की गयी। सभी जगहों पर शराब की बोतले खरीदने के बाद पीने वाले वहीं पर मजमा लगा लिये। जिससे नियम के विरूद्ध शराब बिक्री की जानकारी आमजन को भी हुईं।
क्या हैं आबकारी विभाग के नियम
नियमों के मुताबिक, शराब दुकानदार सुबह दस बजे से पहले और रात्रि दस बजे के बाद दुकान नहीं खोल सकते हैं। इसके अलावा दुकान के आसपास 200 मीटर पर कोई व्यक्ति खुले में शराब नहीं पीएगा। उत्तर प्रदेश में वित्तीय वर्ष 2019-20 में यानी एक अप्रैल 2019 से शराब की बिक्री सुबह साढ़े नौ बजे से रात 11 बजे तक होगी। पहले यह समयसीमा दोपहर 12 बजे से रात 10 बजे तक थी। लेकिन हर शराब की दुकान पर इन नियमों की धज्जियां उड़ती दिखाई देंगी।
आबकारी मंत्री ने दिए थे ये आदेश
आबकारी मंत्री जय प्रताप सिंह ने पिछले दिनों आदेश दिए थे कि दुकानों पर पाए जाने वाली अनियमितता और निर्धारित शर्तों के उल्लंघन के मामलों में आसवानियों पर अब जुर्माना भी लगाया जाएगा। जिला आबकारी ने कहा था कि नियम के विरुद्ध कोई शराब बेचते हुए पकड़ा जाएगा तो उसके खिलाफ कार्यवाही की जाएगी। अगर किसी प्रकार से शिकायत मिलती है तो इसकी जांच होगी। कोई भी दुकानदार नियम से ही शराब बेच सकता हैं, उल्लंघन कर के नहीं। लेकिन ये बातें लखनऊ में सिर्फ हवा हवाई साबित हो रही हैं।
क्या कहते हैं आबकारी विभाग के जिम्मेदार
इस संबंध में जिला आबकारी अधिकारी जनार्दन यादव से बात करने का प्रयास किया गया लेकिन उनसे किसी कारणवश बात नहीं हो पाई वहीं एक्साइज इंस्पेक्टर सेक्टर- 7 प्रवीन पांडेय ने बताया कि वह चेकिंग के लिए खुद निकले थे। सिपाही भी दुकानों की चेकिंग के लिए लगाए गए थे, सभी दुकानें बंद थी। लेकिन फिर भी अगर चोरी छिपे शराब बेची गई है तो ये नियमों का उल्लंघन है। दुकानदार पर जुर्माना लगाया जायेगा।

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