जिम्मेदार आखिर जान कर भी अंजान क्यों
जबकि घटनास्थल से सौ कदमों की दूरी पर मौजूद है कवि नगर थाना पुलिस की पिकेट
गाजियाबाद।योगी सरकार लाख चाहे तो क्या होता है। गाजियाबाद पुलिस अधीक्षक कार्यालय से ही चंद कदमों की दूरी पर अवैध हरियाणा व दिल्ली की शराब का कारोबार फल-फूल रहा है। उत्तर प्रदेश सरकार के सरकारी राजस्व को चूना लगाकर खुलेआम दिन के उजाले से शाम के अंधेरे तक चल रहे इस गोरखधंधे की पुलिस को भनक भी नहीं शायद यह सवाल आम जनमानस के गले भी नहीं उतर रहा।आपको बताते चलें सूत्र बताते हैं गाजियाबाद जिले में यूं तो दर्जनों ऐसी जगह है।जहां अवैध शराब का कारोबार कुटीर उद्योग के रूप में फल-फूल रहा है।परंतु चौंकाने वाला एक सत्य और भी है।की पुलिस अधीक्षक कार्यालय से महज आधा किलोमीटर की दूरी पर चल रहे अवैध कारोबार की भनक जिले की आबकारी व पुलिस महकमे को नहीं यह बात समझ से परे महसूस होती है। नाम ना छापने की शर्त पर कुछ स्थानीय लोगों द्वारा बताया गया कि किसी गौर माल के बगल में पार्किंग के कोने पर चाय की दुकान के इर्द-गिर्द स्कूटी व बाईकों पर किसी स्थानीय व्यक्ति के द्वारा यह धंधा बदस्तूर जारी किया जा रहा है।जब की अंग्रेजी शराब व बियर की दुकान महज 100 मीटर मीटर कि दूरी पर मौजूद है। जिसका राजस्व प्रदेश के विकास में लगता है।आपको बताते चलें गाजियाबाद शहर का यह वह इलाका है।जो पास इलाका कहा जाता है। यहाँ बड़े-बड़े माल व शिक्षण संस्थान व लगभग सभी राजनीतिक दलों के जिला कार्यालय सहित जिला प्रशासन के सभी कार्यालय सहित कोर्ट परिसर भी मौजूद है।फिर यह कैसा सुशासन व रामराज्य।
इनसेट-जबकि इस सम्बंध में कविनगर थाना प्रभारी से बात करने पर उन्होंने ऐसी किसी भी घटना से साफ इंकार करते नजर आये।

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