हरदोई समाजसेवी मेवाराम जनता के साथ जो जनता के लिए इंसाफ की मांग में अनशन पर बैठकर हार गए और अब लेटकर इंसाफ की ओर से देख रहे हैं। लेकिन बेदर्द प्रशासन इनकी पीड़ा को समझने में नाकामयाब साबित हो रहा है।धान खरीद में किसानों के नाम पर बड़े पैमाने पर धान खरीदकर प्रशासन ने वाहवाही लूटी। अपनी छवि को चमकाने के लिए धान खरीद के जिम्मेदारों ने अपनी जेबें भरी। धान खरीद में खेला गया खेल बेहद रोमांचक बनाते हुए इन भ्रष्टाचारियों ने ऐसी प्रजातियों के धान खरीद डाले जो वास्तव में जिले की धरती पर उगते नहीं है। लेकिन भ्रष्टाचार का सूरज आखिर जिले में उगा।
धान खरीद में किसानों के साथ गिए गए धोखे की आवाज उठाने की जुर्रत करने वाले माधौगंज के समाजसेवी मेवराम जनता विगत कई दिनो पूर्व धरने पर बैठे। लेकिन प्रशासन पर इसका कोई असर नहीं हुआ। आखिरकर जनता ने इस धरने को अनशन में तब्दील कर दिया। लेकिन एक सीमा होती है शरीर की जिसमें सीमित समय तक ही बैठा जा सकता। इसी कड़ी में शुक्रवार को बुखार से मेवाराम का बदन उनको बैठने के बजाय लेटने पर मजबूर कर गया। आखिरकार वह लेट गए। इसको देखकर जहां देखने वालों के दिल पसीज गए लेकिन प्रशासन की मजाल वह उनका हाल लेने पहुंचता। कोई भी प्रशासनिक जिम्मेदार ने उनकी ओर नजर नहीं फेरी। हालांकि मेवाराम के अनशन का समर्थन सकारात्मक सुधार संस्थान के प्रबंधक राधेश्याम कपूर भी कर रहे हैं। जनता शौचालय समेत तमाम योजनाओं में आमजन को राहत प्रदान किए जाने की मांग कर रहे हैं।

No comments:
Post a Comment