सभासदों ने महेश नायक नाहर को चुना संघ का अध्यक्ष
सभासदों को राजनीतिक हित साधने हेतु हथकंडे के रूप में
इस्तेमाल किए जाने का कयास ?
हरदोई 23 फरवरी -सदर नगरपालिका के सभासदों की गुटीय राजनीति हावी होने लगी है जहां सभासदों में दो गुट किसी की राजनीतिक महत्वाकांक्षा को पूरा करने के लिए हथकंडे के रूप में प्रयोग करने का चक्रव्यूह तो नहीं रचा जा रहा है बाहर हाल सभासदों ने नगर पालिका के बाबू पर आरोप लगा स्वैच्छिक रूप से सभासद संघ का गठन करने का दावा किया गया है जिसके अध्यक्ष सर्वसम्मति से महेश नायर को नाहर को बनाया गया है।सभासदों ने आज नगर पालिका कार्यालय में सभासद संघ का गठन किया और सर्वसम्मति से 5 बार सभासद रहे एडवोकेट महेश नाहर को अध्यक्ष मनोनीत किया। सभासदों ने महेश नाहर को अध्यक्ष चुनने के बाद खुशी जाहिर करते हुए उन्हें फूल मालाओं से लाद दिया। इस दौरान सभासदों ने नगरपालिका के इतिहास के लिए संघ गठन के इस कदम को ऐतिहासिक बताते हुए एक दूसरे का मुंह भी मीठा कराया। सभासद संघ का अध्यक्ष नियुक्त होने के बाद महेश नाहर ने कहा कि सभासदों के सम्मान के साथ किसी भी प्रकार का समझौता नही किया जाएगा और हर स्तर पर वैधानिक लड़ाई लड़ने का काम किया जाएगा। श्री नहर ने इस दौरान सभासदों से आपस मे सामंजस्य बनाये रखने की अपील भी की। सभासद महेश नाहर से दूरभाष वार्ता करने पर सभासद संघ के गठन के कारणों पर उन्होंने बताया कि पालिका के बाबू की कार्यप्रणाली से हम लोग नाराज हैं सभासदों को तवज्जो नहीं दी जाती है। पूछने पर कि बोर्ड की मीटिंग होती है यदि किसी को कोई शिकायत होती है तो बोर्ड ने एक उत्तरदायित्व मंच दे रखा है जहां पर शिकायतें की जा सकती हैं। इस पर श्री नायर ने बताया कि बोर्ड की मीटिंग हर माह होनी चाहिए किंतु तीन तीन महीने हो जाते हैं बोर्ड की मीटिंग नहीं होती है।संघ के गठन के अवसर पर आदेश प्रताप सिंह,राजीव सिंह,शिवसेवक गुप्ता, हरिहर बख़्श नेता, मुनि मिश्रा,मनोज त्रिवेदी, ललित कश्यप,अजय शर्मा,विमल कुमार श्रीवास्तव,सुधीर बनिया,राजेश्वरी,अनिता राठौर,भगवंत कुमारी,पूजा गुप्ता,अमरेश बाजपेयी, वंदना तिवारी,ऋचा सिंह व संजय सिंह आदि लोग मौजूद रहे।विश्वसनीय सूत्र बताते हैं कि नगर पालिका सभासद खासकर अकाउंट बाबू से असंतुष्ट हैं। 21 सभासदों के उपस्थित होने का दावा किया गया और 23 सभासदों के हस्ताक्षर युक्त पत्र प्रेषित किया गया। बताया जाता है कि उक्त प्रेषित हस्ताक्षर पत्र में पूर्व में ही घर घर जाकर हस्ताक्षर कराए गए थे। 26 सभासदों वाली नगर पालिका के अन्य लोगों से वार्ता करने पर पता चला कि यह उनका स्वैच्छिक संगठन है। उनका उनसे कोई मतलब नहीं है। बोर्ड का अपना स्वयं का मंच है यदि किसी को परेशानी है तो बोर्ड में अपनी बात को रख सकता है।वही समाधान मंच भी है। बहरहाल कयास यह लगाए जा रहे हैं कि कहीं यह राजनीतिक हित को साधने के लिए हथकंडे के रूप में यह सभासद प्रयोग में तो नही लाए जा रहे हैं। नगर पालिका अध्यक्ष सुख सागर मिश्रा “मधुर” से दूरभाष वार्ता पर उन्होंने बताया कि यह उनका कुछ लोगों का स्वैच्छिक संगठन है जिससे मुझे कोई आपत्ति नहीं है। बोर्ड का स्वयं का मंच है जहां सभी का सम्मान व समाधान निहित है।

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