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Thursday, 21 February 2019

खिलाड़ियों को बिहार पुलिस में बहाल करने में दें प्राथमिकता , बेहतर आएँगे रिज़ल्ट -मुख्य सचिव

अपराधियों का कमर तोड़ने के लिए पुलिस के पास ,कानूनी हथियार हैं स्पीडी ट्रायल – डीजीपी

>> सरदार पटेल भवन के सभागार से बिहार पुलिस सप्ताह का शुभारंभ, सभी जिले में बनाया जाएगा पुलिस सप्ताह

>> 24 फरवरी को सभी आईपीएस से फायरिंग प्रोग्राम में शामिल होने की अपील ,27 फरवरी को छात्र-पुलिस संवाद

>> साइबर अपराध, बेहतर अनुसंधान को लेकर दिया जाएगा टिप्स

>> बिहार पुलिस डायरी और कैलेंडर का हुआ लोकार्पण

रवीश कुमार मणि
पटना ( अ सं ) । राजधानी स्थित सरदार पटेल भवन के सभागार में शुक्रवार को बिहार पुलिस सप्ताह का शुभारंभ ,बिहार के मुख्य सचिव दीपक कुमार ,डीजीपी गुप्तेश्वर पांडे ,डीजी सुनील कुमार ,अरविंद पांडे ,एस के सिंघल, आलोक राज एवं एडीजी(सीआईडी) विनय कुमार ने द्वीप प्रजोजल्लित कर किया । यह पुलिस सप्ताह 22 फरवरी से 27 फरवरी तक मनाया जाएगा ।इसमें इनडोर और आउटडोर प्रोग्राम को शामिल किया गया हैं । अपराध एवं अनुसंधान विभाग द्वारा आयोजित इस प्रोग्राम में ट्रेनिंग देने के लिए कई राज्यों से विशेषज्ञ आएं हैं ।वहीं प्रतिदिन एडीजी, आईजी ,एवं एसपी ,राउंडअप ट्रेनिंग देंगे । राज्य के सभी जिले में पुलिस सप्ताह मनाया जाएगा । बीते वर्ष बेहतर कार्य करने वाले पुलिसकर्मी को प्रशंसित -पत्र, जोनल आईजी द्वारा दिया जाएगा ।

खिलाड़ियों को दे पुलिस बहाली में प्राथमिकता -मुख्य सचिव

आयोजित पुलिस सप्ताह के अवसर पर मुख्य सचिव दीपक कुमार ने पुलिस विभाग को कई सुझाव दिये । इसमें कहां की पुलिस विभाग को बेहतर बनाने के लिए खिलाड़ियों को पुलिस बहाली में प्राथमिकता दें । 3 प्रतिशत कोटा हैं ,जिसे पुरा किया जाएं । खिलाड़ियों को पुलिस में बहाली होती हैं तो युवा खेल के प्रति जागरूक होंगे और पुलिस विभाग के प्रति उनमें आस्था उत्पन्न होगी । उन्होंने कहां की पुलिस सप्ताह सभी जिले में मनाया जाएं ।इसके लिए बजट की आवश्यकता है तो उसे पुरा किया जाएगा ।  पुलिस सप्ताह में खेल, सांस्कृतिक कार्यक्रम ,थाना स्तर पर जन संवाद की व्यवस्था हो। ताकि लोग 22 फरवरी से 27 फरवरी तक को याद रखें । आईपीएस वाइफ्स भी पुलिस सप्ताह कार्यक्रम में शामिल हो।  पुलिस सप्ताह में खेल का आयोजन होने से सीनियर -जूनियर की दूरियां मिटेगी और आपस में खुलकर बातें करेंगे जो सकारात्मक साबित होगा ।

अपराधियों का कमर तोड़ने वाला हथियार है स्पीड ट्रायल -डीजीपी

पुलिस सप्ताह के अवसर पर डीजीपी गुप्तेश्वर पांडे ने बिहार पुलिस की उपलब्धियों को रखा । उन्होंने बताया की बीते वर्ष में स्पीडी ट्रायल के तहत  5926 अपराधियों को सजा दिलाया गया हैं । इसमें 5 को फांसी की सजा हुई है एवं 1334 को आजीवन कारावास । वहीं 600 से अधिक को 10 साल की सजा । डीजीपी ने अपने पुलिस अधिकारियों को कहां की हर हाल में स्पीडी ट्रायल प्रणाली को और मजबूत करें । पुलिस के लिए स्पीडी ट्रायल वह हथियार है जो अपराधियों को कमर तोड़ने के लिए काभी हैं । नन एसआर केस के बारे में कहां की किसी कीमत में यह पेंडिग नहीं रहनी चाहिए ।
    डीजीपी ने कहां की मैं जो भी कहता हूं दिल से कहता हूं ,सारे पुलिसकर्मी हमारे भाई हैं । ऐसा मिसाल कायम करें की पुरा देश बिहार पुलिस की ओर देखें और अनुश्रवन की सोचे ।लोकसभा चुनाव की ओर ध्यान आकृष्ट करते हुये कहां की पुलिस का कर्तव्य बनता हैं की निष्पक्ष और शांतिपूर्ण चुनाव सम्पन्न कराएं । वीआईपी सिक्युरिटी का ख्याल रखने में जो दिशा -निर्देश लागू है उसको पालन करने के लिए जरूरी प्रशिक्षण दें ।

कार्यक्रम में शामिल रखें ऐ पुलिस अधिकारी

बिहार पुलिस सप्ताह के उद्घाटन अवसर पर एडीजी मुख्यालय कुंदन कृष्णण, एजीजी विशेष शाखा-जीएस गैंगवार,  निगरानी एडीजी-सुनील झा, एडीजी लॉ एंड ऑर्डर अमित कुमार ,पटना के जोनल आईजी सुनील कुमार ,मुजफ्फरपुर जोनल आईजी -नैय्यर हसनैन खां ,आईजी मुख्यालय गणेश कुमार ,आईजी सुरक्षा बीएस मीणा ,अनिल किशोर यादव ,मो रहमान ,डीआईजी विकास वैभव ,पीएन मिश्रा ,जीतेन्द्र मिश्रा ,एसएसपी गरिमा मलिक ,दानापुर एएसपी अशोक मिश्रा सहित सैकड़ों वरीय पुलिस अधिकारी मौजूद थे।

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