मुंबई। महाराष्ट्र में सूखे की समस्या दिन पर दिन बढ़ती जा रही है। महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) ने सोमवार को सूखा प्रभावितों की समस्याओं पर तत्काल ध्यान दिलाने के लिए आंदोलन छेड़ने का एेलान किया है। मनसे प्रमुख राज ठाकरे के आदेश पर यह अनूठा आंदोलन छेड़ा जाएगा। सूखाग्रस्त घोषित की गई प्रदेश की 151 तहसीलों में मनसे कार्यकर्ता जनसूचना अधिकार के तहत राज्य सरकारा द्वारा किए गए कार्यान्वयन का लेखा-जोखा मांगा जाएगा और प्रदर्शन होगा।
वरिष्ठ नेता अनिल शिदोरे और पूर्व विधायक एड. जयप्रकाश बाविस्कर के नेतृत्व में मनसे कार्यकर्ता सूखा प्रभावितों की सहायता के लिए मैदान में उतरेंगे। सोमवार 25 फरवरी को यह आंदोलन होगा। मनसे का आरोप है राज्य सरकार ने महाराष्ट्र की 151 तहसीलों को सूखा प्रभावित घोषित किया है। हालांकि, जिन उपायों का पालन करने की आवश्यकता है, उन्हें लागू नहीं किया जा रहा है। मनसे ने 4 फरवरी से एक आंदोलन शुरू किया है। मनसे कार्यकर्ता सप्ताह के हर सोमवार को जिलाधिकारी और तहसीलदार कार्यलय में जाकर आंदोलन कर रहे हैं और ज्ञापन दे रहे हैं। उनका कहना है कि किसानों को मराठी भाषा में जानकारी उपलब्ध नहीं कराई जा रही है। पेयजल व्यवस्था, पशुओं के लिए चारा शिविर, मनरेगा के तहत रोजगार और खाद्य पदार्थों की उपलब्धता के संबंध में ज्ञापन दिया चुका है।
अनिल शिदोरे के मुताबिक सूखा प्रभावित लोगों के लिए किए गए उपायों के बारे में जानकारी देने का भी अनुरोध किया गया है। यदि प्रशासन सहयोग नहीं करता है, तो आंदोलन से होनेवाले परिणाम के लिए सरकार जिम्मेदार होगी। महाराष्ट्र की 151 तहसीलों में जलसंकट बढ़ गया है। लोग बेहाल हो गए हैं। सूखा प्रभावितों के अधिकारों के लिए मनसे उनके साथ है। पार्टी प्रमुख राज ठाकरे के आदेश पर हम पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिए संघर्ष करेंगे।

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