लोकसभा चुनाव 2019 में अवध क्षेत्र (Awadh region) की सात सीटों पर पूरे देश की नजर है, जहां पर देश की शीर्ष महिला हस्तियां चुनावी मैदान उतर कर अपनी किस्मत आजमा रही हैं। नेहरू-गांधी परिवार के दो सदस्य संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (यूपीए) सोनिया गांधी और केन्द्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री मेनका गांधी यहां की रायबरेली और सुलतानपुर सीट पर चुनाव लड़ रही हैं।
सपा-बसपा गठबंधन ने अपने प्रत्याशी के तौर पर अभिनेता से नेता बने शत्रुघ्न सिन्हा की पत्नी पूनम सिन्हा को उत्तर प्रदेश संसदीय सीट से केन्द्रीय गृह मंत्री और बीजेपी के सीनियर नेता राजनाथ सिंह के खिलाफ उतारा है।
राजनाथ को टक्कर दे रही पूनम सिन्हा
शत्रुघ्न सिन्हा ने छह अप्रैल को भारतीय जनता पार्टी छोड़ कांग्रेस का हाथ थामा। जिसके बाद कांग्रेस ने उन्हें बिहार के पटना साहिब लोकसभा सीट पर बीजेपी के उम्मीदवार और केन्द्रीय कानून एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री रविशंकर प्रसाद के खिलाफ उतारा है। वह बीजेपी और केन्द्र की मोदी सरकार के लगातार आलोचक रहे हैं। उनका बीजेपी के साथ जुड़ाव करीब दो दशक से भी ज्यादा समय का था।
उन्नाव में, पूर्व कांग्रेस सांसद अन्नू टंडन बीजेपी उम्मीदवार साक्षा महाराज को चुनौती दे रही हैं। तो वहीं दूसरी तरफ प्रतापगढ़ लोकसभा सीट पर पूर्व कांग्रेस सांसद राजकुमारी रत्ना सिंह उतरी हैं जबकि उत्तर प्रदेश की महिला एवं बाल कल्याण मंत्री रीता बहुगुणा जोशी इलाहाबाद संसदीय सीट पर अपना भाग्य आजमा रही हैं।
पाचवीं बार चुनाव में उतरीं सोनिया गांधी
यूपीए चेयरपर्सन सोनिया गांधी पांचवीं बार लोकसभा कार्यकाल (चौथी बार रायबरेली सीट से) के लिए चुनाव लड़ रही हैं। यह सीट से एक समय उनकी सास और पूर्व प्रधानमंत्री स्व. इंदिरा गांधी ने प्रतिनिधित्व किया था।
सोनिया ने पहली बार लोकसभा का चुनाव अमेठी से जीता था। जो एक वक्त उनके पति और पूर्व प्रधानमंत्री स्व. राजीव गांधी की संसदीय सीट थी। लेकिन, 2004 लोकसभा चुनाव में उन्होंने अपने बेटे राहुल के लिए यह सीट छोड़कर खुद रायबरेली चली गईं।
केन्द्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री मेनका गांधी भी इंदिरा गांधी की बहु हैं, वह बीजेपी उम्मीदवार के तौर पर सुल्तानपुर लोकसभा सीट से उतरीं हैं। इस सीट पर फिलहाल लोकसभा का सांसद वरूण गांधी हैं। मेनका ने अपने बेटे से सीट बदलते हुए वरूण गांधी को पीलीभीत भेज दिया।

No comments:
Post a Comment