पूनम सिन्हा से पहले नफीसा अली, जोवद जाफरी व राजबब्बर भी लड़ चुके हैं यहां से चुनाव
लखनऊ । पूनम सिन्हा जिन्हें देश-दुनियां में अभी तक बालीवुड के मशहूर अभिनेता व राजनेता शत्रुघ्न सिन्हा की पत्नी, मिस यंग इंडिया 1968 और एक फिल्म निर्माता व थियेटर कलाकार के तौर पर जाना जाता रहा…मगर अब उन्हें आगे इसलिए भी जाना जायेगा कि उन्होंने देश की सबसे बड़ी जनसंख्या वाले राज्य यूपी की राजधानी लखनऊ से केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह के खिलाफ अपनी राजनीतिक पारी शुरू की। यानि नवाबों के शहर लखनऊ ने उन्हें राजनीति में इंट्री दी। इतना ही नहीं भविष्य में जब भी पूनम सिन्हा के ‘पॉलीटिकल कॅरियर’ की चर्चा होगी तो न चाहते हुए भी लखनऊ का नाम सबकी जुबां पर आ ही जाएगा।

वैसे बता दें कि केवल पूनम सिन्हा जैसी चर्चित फिल्मी परिवार की ही सदस्य को लखनऊ ने राजनीति में आने का पहला मौका नहीं दिया बल्कि इससे पहले नफीसा अली, जावेद जाफरी और राजबब्बर जैसे फिल्मी कलाकार लखनऊ से अपनी राजनीतिक पारी खेल चुके हैं।

इससे पहले 2014 के लोकसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी की तरफ से बॉलीवुड एक्टर जावेद जाफरी ने लखनऊ से चुनाव लड़ा था। हालांकि उस दौरान चुनावी समर में वो कहीं टिक नहीं पाये और पांचवें नंबर पर आये थे। फिर इससे पूर्व 2009 के लोस चुनाव में जब पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी बाजपेयी की लखनऊ से जुड़ी राजनीतिक विरासत को थामने के लिए लालजी टंडन आगे आयें तो उस समय सपा के टिकट पर फिल्म अभिनेत्री व थियेटर कलाकार नफीसा अली (पूर्व फेमिना मिस इंडिया) ने चुनाव लड़ा था। हालांकि उस दौरान उनसे पहले सपा से अभिनेता संजय दत्त के चुनावी मैदान में आने की चर्चा जोरों पर चली थी। वहीं 1996 के लोकसभा चुनाव में भाजपा दिग्गज अटल बिहारी बाजपेयी के खिलाफ उस वक्त समाजवादी पार्टी ने राजबब्बर की राजनीतिक लॉन्चिंग की थी। 

बदली लखनऊ की आबोहवा…
देर से ही सही सपा-बसपा गठबंधन की तरफ से जब से वर्तमान में कांग्रेसी नेता शत्रुघ्न सिन्हा की अर्धांगिनी पूनम सिन्हा के लखनऊ में राजनाथ के खिलाफ चुनावी दंगल में आने की खबर पर मुहर लगी है, तब से राजधानी की राजनीतिक आबोहवा बदलने लगी। अभी तक राजनाथ जैसे दिग्गज भाजपाई के विरूद्ध न तो कांग्रेस और न ही कोई अन्य दल अपने उम्मीदवार को चुनावी मैदान में उतारने की सोच पा रहा था। लेकिन उनके नामांकन के ही दिन यकायक पूनम सिन्हा ने सपा सांसद व अखिलेश यादव की पत्नी डिंपल यादव के समक्ष सपा की सदस्यता ग्रहण की और जिस अंदाज से लखनऊ से अपनी राजनीतिक दावेदारी को भी जताया, उससे राजधानी के जातीय समीकरण इधर-उधर होने लगे हैं। दरअसल, पूनम सिन्हा सिंधी समुदाय से ताल्लुक रखती हैं जबकि उनके पति शत्रुघ्न कायस्थ समाज से हैं। ऐसे में देखा जाये तो लखनऊ में सिंधी और कायस्थ समुदाय के लोगों की संख्या अच्छी-खासी है। अब बदलते राजनीतिक परिदृश्य में जब दलों के बडेÞ-दिग्गज नेता पाला बदलने में देर नहीं लगाते, ऐसे में जनता तो अपने मन की मालिक है।

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