लोनी” एक बौद्धिक और सामान्य-साधारण व्यक्ति को धीरे धीरे मार देने के लिए सर्वोत्कृष्ट और सटीक स्थान तो नही
उत्तर-प्रदेश और दिल्ली महानगर के बीच में बसा ये एक ऐसा क्षेत्र है, जहां इन दोनों ऐतिहासिक स्टेट्स की सारी की सारी ख़ामियां, बुराइयां, लापरवाहियां, ऐब, नुक्स सब मिल जाएंगे-सूत्र
खारे पानी का कनेक्शन भी दस दस हजार में पर पानी मिलेगा या नही इसकी कोई गारंटी नही
अरविन्द तिवारी/भूमिका द्विवेदी अश्क
गाजियाबाद।24अप्रैल।दुनिया बहुत बड़ी है।जहां हर तरह की जगहें हैं,अच्छी भी, बुरी भी हर तरह के लोग हैं।अच्छे भी, बुरे भी. लेकिन बुरी से बुरी जगह में बुरे से बुरे प्रशासन का नज़ारा अगर देखना हो तो न केवल उत्तर प्रदेश में, ना केवल हिन्दोस्तान में, बल्कि पूरी दुनिया में एक ही जगह मिलेगी, जिसका नाम है लोनी.उत्तर-प्रदेश और दिल्ली महानगर के बीच में बसा ये एक ऐसा क्षेत्र है, जहां इन दोनों ऐतिहासिक स्टेट्स की सारी की सारी ख़ामियां, बुराइयां, लापरवाहियां, ऐब, नुक्स सब मिल जाएंगे. सवेरे से शाम तलक आप अपना जितने मिलीलीटर खून जलाना चाहें, वो तमाम मौक़े इस जगह पर आसानी से उपलब्ध हो जाएंगे.क्या बिजली, क्या सड़क, क्या पीने का पानी, क्या गन्दे और सीवेज के पानी की निकासी, क्या नकली दवा की बेहिसाब दुकानें, क्या सड़क की लाइट्स, क्या प्रदूषण की समस्या, क्या पुलिस की कोताहियां, क्या सरकारी तन्त्र की खोखली उधड़ी हुई पोल सब कुछ यहां अपने सर्वश्रेष्ठ रूप में छीछालेदर को प्राप्त मिलेगा. यहां लैण्डलाइन फोन नहीं हैं, जो बाईसवीं सदी में दुनिया की एकमात्र जगह होगी. कहने को सभी विभाग, सभी दफ़्तर और महकमे यहां विद्यमान हैं, लेकिन वो सभी जनता के हितार्थ के लिए कदापि कदापि और कदापि नहीं हैं. वो सारे महकमे सिर्फ़ आपको सताने के लिए, आपकी जेब से पैसा निकालने के लिए अपनी अपनी विभिन्न नामों वाली दुकानें खोलकर बैठे हुए हैं.आप अपने मकान के लिए अपने नाम से जलनिगम से पानी का कनेक्शन लेने जाईए. बिना रसीद के बारह-पन्द्रह हज़ार से शुरुआत होकर मोलभाव के बाद, न्यूनतम पांच हज़ार रुपए में आपको एक कनेक्शन दिया जाएगा. जिसकी रसीद या काग़ज़ी औपचारिकता के लिए आपको अतिरिक्त शुल्क देना होगा. अब खारा पानी सरकारी दलाल, (जो कि उसी क्षेत्र के बेरोज़ग़ार ही होंगे, जिनकी भाषा-शैली देख सुनकर आप, पानी का कनेक्शन लगवाने से पहले चुल्लू भर पानी डूबने के लिए खोजेंगे) पांच मीटर पाइप,एक टोटी की सहायता से कृपार्थ लगा जाएंगे. एक इंच भी पाइप अतिरिक्त लगवाने के लिए आपको तत्काल जेब और ढीली करनी होगी. चाय-पानी का खर्च भी आपको अनिवार्यत: वहन करना होगा.अब न्यूनतम दस हज़ार रुपए में खारे पानी के कनेक्शन के लिए देकर भी आप चैन की नींद सोने की ना सोंचें. क्योंकि सवेरा होते ही आधे घण्टे के लिए जब सात बजे के आसपास पानी आएगा, तो ये सिर्फ़ ख़ुदा जानता होगा कि वो कैसा पानी होगा. सप्ताह में तीन दिन आपके साफ़-सुथरे नये-नवेले पाइप से सीवर का काला पानी भी आएगा. जिससे आपका पूरा घर सड़ांध-मयी बदबू से भर जाएगा. आपके प्यारी नई टोटी और न्यारे नए पाइपों में काला गन्दगी का बदबूदार दाग़ चिपक जाएगा. ये दाग़ जिस दिन तक छुड़ाते-छुड़ाते आप इन्हें साफ़ करने में सफ़ल होंगे, उस दिन फिर काला-पानी आपको रुला देगा. आप समझ ही नहीं सकेंगे कि ये आंसू किस लिए बह रहे हैं. आपको पानी की ज़रूरत है इसलिए, आपने दस हज़ार रुपए खर्च किए हैं इसलिए, आपने लोनी में मकान/ फलैट खरीद लिया है इसलिए, आप एक नहाने-धोने वाले साधारण इन्सान हैं इसलिए, या फिर आपकी घ्राणेन्द्रीय सहित सभी इन्द्रियां काम कर रहीं हैं और आपको बदबू सुंघाई देती है इसलिए।अब आप सोचें कि चलो शिकायत करके काले पानी को साफ़ कर लूं तो किससे करेंगे शिकायत वहीं उन्हीं लोगों से वो सब जो आपके यहां कनेक्शन लगा कर गए हैं।वो सबसे पहले आपसे रसीद मागेंगे जो कि आपको दी नहीं गई है। अब तक. आपकी शिकायत नहीं सुनी जाएगी. आप पर चालान कटेगा, क्योंकि आपके घर में बिना रसीद का (काला-पानी) कनेक्शन है. चुपचाप बीस रुपए की दो पीने वाले पानी की बोतलें, चालीस रुपए में घर लाएंगे. उसी से आचमन करेंगे, नहाएंगे, कपड़ा धोएंगे, और अपने काम पर निकल जाएंगे. अगर कि आप अकेले हैं तो. वरना अपनी बीवी-बच्चों को खीजकर पीटेंगे और बिना नहाए, खाए, काम पर निकल पड़ेंगे. पूरा दिन खीजते रहेंगे, लौटकर बीवी को दुबारा पीटेंगे, बच्चों को झिड़कते रहेंगे. आख़िर कितने दिन तक ये उपक्रम चल सकता है, सोचने वाली बात है।

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