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Thursday, 25 April 2019

पॉच वर्षीये बच्ची को केजीएमयू की संजीवनी

लखनऊ। दरिंदगी का शिकार हुई बच्ची को केजीएमयू के डॉक्टरों ने उपचार कर दिया नया जीवन दान,परिजनों ने किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो एमएल बी भटट् से भेट कर उचित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए दिया उन्हें धन्यवाद ।

यह था मामला

काकोरी निवासी पॉच वर्षीय मासूम बच्ची (काल्पनिक नाम) कविता को 10 अप्रैल 2019 को दरिंदगी का शिकार हुई थी। केजीएमयू के डाॅ एसएन कुरील के मुताबिक, दरिंदगी का शिकार हुई बच्ची को उनके पास 11 अप्रैल 2019 को काफी गंभीर हालत में लाया गया था। इससे पहले एक निजी अस्पताल और बलरामपुर के डाफरिन अस्पताल से रिफर कर किंग जाॅर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय के पीडियाट्रिक सर्जरी विभाग लाया गया, जहां विभागाध्यक्ष डाॅ एसएन कुरील ने बच्ची का इलाज प्रारम्भ किया।

फटी हुई थीं मांसपेशियां

उस वक्त बच्ची शाॅक में थी और उसके जन्नांग और मलद्वार की मांसपेशियां फटी हुई थीं तथा उसमें से रक्तस्राव जारी था। पीडियाट्रिक सर्जरी के विभागाध्यक्ष डाॅ एसएन कुरील ने बताया कि ऐसी गंभीर स्थित में सामान्यतः तीन आॅपरेशन की आवश्यकता होती है लेकिन इस मामले मे उचित समय पर बच्ची को चिकित्सीय सुविधा मिलने एवं विशेषज्ञता की वजह से मात्र एक आॅपरेशन से बच्ची को स्वास्थय लाभ मिल गया और बच्ची अब पूर्णतया स्वस्थ है और सामान्य जीवन जीने में सक्षम है। यह जानकारी गुरूवार को पीडियाट्रिक सर्जरी के विभागाध्यक्ष डाॅ एसएन कुरील ने देते हुए बताया कि अब बच्ची वार्ड राउण्ड के समय चिकित्सकों से चाॅकलेट की मांग करती है।

बच्ची का हुआ निशुल्क उपचार

उन्होंने बताया कि बच्ची का पूरा उपचार निशुल्क किया गया है तथा इस सफल आॅपरेशन में डाॅ एस एन कुरील ने एनेस्थीसिया विभाग के डाॅ जीपी सिंह को विशेष रूप से धन्यवाद दिया, जिन्होंने आॅपरेशन के लिए उचित समय पर एनेस्थीसिया उपलब्ध कराने में विशेष सहयोग दिया। साथ ही कुलपति एवं पीडियाट्रिक सर्जरी के विभागाध्यक्ष डाॅ एसएन कुरील ने बच्ची को चाॅकलेट भेंट में देते हुए उसके सुखमय भविष्य की कामना की।

 

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