फर्जी मार्कसीट बनाने वाले गिरोह का पर्दाफाश | Alienture हिन्दी

Breaking

Post Top Ad

X

Post Top Ad

Recommended Post Slide Out For Blogger

Wednesday, 17 April 2019

फर्जी मार्कसीट बनाने वाले गिरोह का पर्दाफाश

लखनऊ।  हसनगंज पुलिस ने विश्वविद्यालयों की फ र्र्जी मार्कसीट, डिग्री और परीक्षाओं में अंक बढ़वाने के नाम पर करोड़ों रुपए की ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश करते हुए सरगना समेत आधा दर्जन लोगों गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपितों के पास 15 फ र्जी मार्कशीट, ब्लू टयूबलेशन चार्ट, परीक्षा नियत्रंक का लेटर पैड, कई विश्वविद्यालयों का मोनोग्राम, लैपटाप स्कैनर समेत कई अन्य दस्तावेज बरामद किये हैं।
एसपीटीजी अमित कुमार ने खुलासा करते हुए बताया कि पूर्वांचल नगर कल्याणपुर थाना गुडम्बा निवासी मुख्य सरगना लखनऊ विश्वविद्यालय से बर्खास्त कर्मचारी खिरोधन प्रसाद, सीतापुर निवासी रवीन्द्र प्रताप सिंह, इन्दिरानगर निवासी दीवान सिंह, मडियांव निवासी दीपक तिवारी, ठाकुरगंज निवासी नायाब हुसैन व खदरा हसनगंज निवासी मधुरेन्द्र पाण्डेय को गिरफ्तार किया गया है। पकड़े गए आरोपी के विरूद्घ  जानकीपुरम निवासी सौरभ यादव ने जालसाजी का मुकदमा दर्ज कराया था। मामले की विवेचना के में पुलिस टीम को लगाया गया था। सीओ महानगर संतोष कुमार सिंह ने बताया कि पकड़े गए आरोपी कानपुर, लखनऊ, अवध, दिल्ली समेत  विभिन्न विश्वविद्यालयों की डिग्री दिलाने का छात्र, छात्राओं को प्रलोभन देते थे। उनसे कहते थे कि वह प्रति सेमेस्टर के हिसाब से डेढ़ लाख रुपए दे और अधिक अंक के साथ विश्वविद्यालय की डिग्री ले। झांसे में आने वाले करीब अभी तक 250 से अधिक छात्र-छात्राएं है। जिन्हें अभी खुद ही नहीं मालूम है कि उनकी डिग्री सही या गलत है। इसमें तमाम एलएलबी की डिग्रियां भी है। एसपीटीजी अमित कुमार ने बताया कि अभी मामले की विवेचना की जा रही है। इसमें कई महाविद्यालय के प्रधानाचार्य व बाबू शामिल है। पकड़े गए आरोपियों में से एक रवीन्द्र प्रताप सिंह सरदार सिंह इंटर कालेज सीतापुर का कार्यकारी प्रधानाचार्य बताया जा रहा है।

No comments:

Post a Comment

Post Top Ad