आमतौर पर बैंक खाते में जमा रकम या निकासी, एफडी या ओवरड्राफ्ट जैसे लेनदेन का क्रेडिट स्कोर पर कोई फर्क नहीं पड़ता है, लेकिन क्रेडिट कार्ड की तरह अगर आपने बैंक खाता भी पूरी प्रक्रिया अपनाए बिना बंद किया है तो इससे आपके क्रेडिट स्कोर पर असर पड़ सकता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि बैंक खाते में रकम माइनस में चली गई है और आप पर बैंक का बकाया है तो ऐसे में खाता बंद करने से आपका क्रेडिट स्कोर कम हो सकता है। विशेषज्ञों के मुताबिक, बकाया छोटी-मोटी रकम के लिए वसूली भले ही न करें, लेकिन यह भविष्य में लोन लेने के विकल्पों पर भारी पड़ सकता है। ऐसे में अगर कोई बैंक खाता बंद करना है तो पूरी प्रक्रिया अपनाएं और बैंक को इसकी समुचित जानकारी भी दें। ऐसा देखा गया है कि लोग खाते से सारी रकम निकालकर उसे छोड़ देते हैं। बैंक से लगातार ईमेल और एसएमएस के बावजूद वे संपर्क नहीं साधते हैं। उनकी रकम नकारात्मक स्तर पर चला जाती है और तकनीकी तौर पर यह खाता बंद नहीं होता है।
क्लोजर फॉर्म भरना होता है
अकाउंट बंद कराने के लिए बैंक की शाखा में खुद जाना पड़ेगा। ऑनलाइन काम भी होता है। बैंक में अकाउंट क्लोजर फॉर्म भरें, उसमें खाता बंद करने की वजह बतानी होगी। संयुक्त खाता है तो सभी खाताधारकों का हस्ताक्षर जरूरी है। आपको एक दूसरा फॉर्म भी भरना होगा, जिसमें आप बंद होने वाले अकाउंट में बचा पैसा स्थानांतरित कराना चाहते हैं।
डी लिंकिंग फॉर्म भरें
आम तौर पर बैंक खाते से निवेश, लोन, ट्रेडिंग, क्रेडिट कार्ड पेमेंट और बीमा से जुड़ा पेमेंट लिंक होता है। अगर कोई बिल लिंक है तो पहले दूसरे बैंक खाते को इस तरह के भुगतान से लिंक कर दें। अकाउंट बंद करते वक्त आपको डी लिंकिंग फॉर्म भरना होता है।

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