गोरखपुर 17 अप्रैल ।। भाजपा ने बहुप्रतीक्षित तीनों सीट पर नए चेहरों को उतारकर संतुलन का नया दांव खेला है। इस समीकरण में जातिगत वोटों की गणित हल करने के साथ असंतुष्टों को भी साधने की पूरी कोशिश की गई है। तीन में से दो युवा उम्मीदवारों पर दांव खेलते हुए भाजपा ने नए सहयोगियों के साथ निष्ठावान कार्यकर्ताओं को भी तरजीह देकर पार्टी की परंपरा को बरकरार रखा है। गोरखपुर से प्रत्याशी बनाए गए रवि किशन शुक्ला पार्टी के बेस वोटों को सहेजने के साथ युवा वर्ग के लिए आकर्षण हो सकते हैं। संतकबीरनगर में प्रवीण निषाद को टिकट देकर निषाद समाज को सम्मान दिया है। जूता कांड से चर्चा में आई संतकबीर नगर सीट पर भाजपा ने जबरदस्त दांव खेला है। यहां न तुम जीते न हम हारे के फार्मूले पर भाजपा ने सांसद का टिकट काटकर विधायकों को संतुष्ट करने का प्रयास किया है तो उनके पिता को देवरिया से मैदान में उतारकर दोनों जिलों के समीकरण को सेट करने की कोशिश की है। देवरिया में कई प्रत्याशियों की दावेदारी पर विराम लगाने के साथ ही पार्टी ने बाहर के उम्मीदवार पर दांव खेलकर किसी को शिकायत का मौका नहीं मिलने का संदेश दिया है। कलराज मिश्र के सीट छोड़ने के बाद खाली हुई इस सीट पर पार्टी ने पुराने निष्ठावान कार्यकर्ता और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष रमापति राम त्रिपाठी को मैदान में उतारा है।गोरखपुर, देवरिया व संतकबीरनगर सीटों पर भाजपा ने जिन नए चेहरों पर दांव खेला है वह उस लोकसभा क्षेत्र के लिए भले नए हों, लेकिन राजनीति में नए नहीं हैं। देवरिया से प्रत्याशी घोषित रमापति राम त्रिपाठी भले ही इसके पहले कभी संसद में न पहुंचे हों, लेकिन भाजपा में वह प्रदेश अध्यक्ष के पद पर लंबी पारी खेल चुके हैं। इसके पहले दो बार कौड़ीराम और एक बार सिसवा विधानसभा सीट से चुनाव लड़ चुके हैं, हालांकि उन्हें सफलता नहीं मिली। जौनपुर से राजनीति की शुरुआत करने वाले भोजपुरी फिल्मों के सुपर स्टार रवि किशन गोरखपुर से प्रत्याशी बनाए गए हैं। यहां वह पूरी दमदारी के साथ मैदान में उतरने को तैयार हैं। संतकबीरनगर में भाजपा के प्रत्याशी बने प्रवीण निषाद गोरखपुर से वर्तमान सांसद हैं। सियासी पिच पर प्रवीण की पारी भले ही लंबी न हो, लेकिन पिता का राजनीतिक अनुभव और जातिगत समीकरण उनके लिए लड़ाई में हथियार का काम करेगा।
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रवि किशन का है गोरखपुर से रिश्ता
गोरखपुर लोकसभा सीट से भाजपा का प्रत्याशी घोषित होने पर फिल्म स्टार रवि किशन शुक्ला बेहद खुश हैं। बातचीत में उन्होंने बताया कि वह मूल रूप से गोरखपुर के मामखोर गाव के निवासी हैं। उनके पूर्वज मामखोर से ही जौनपुर के केराकत में जाकर बसे हैं। उनकी अपने मूल स्थान पर वापसी हो रही है और पूरी उम्मीद है कि गोरखपुर की जनता उन्हें सिर-आखों पर बिठायेगी। टिकट देने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, भाजपा अध्यक्ष अमित शाह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को धन्यवाद देते हुये रवि किशन ने कहा कि वहआज लखनऊ गोरछपिठाधीश्वर व यूपी के यशस्वी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलने गए थे जहाँ पर परमपूज्य का उनको आशीर्वाद मिला। कल 18 अप्रैल को गोरखपुर पहुंच रहे हैं। गोरखपुर पहुंच कर सबसे पहले वह गोरखनाथ मंदिर जाकर बाबा गोरखनाथ का आशीर्वाद ग्रहण करेंगे उसके उपरांत भाजपा कार्यालय जायेगे। उसके बाद भाजपा नेतृत्व के भरोसे पर खरा उतरने के लिए अपनी पूरी ताकत झोंक देंगे।

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