गलत नस कटने से हुई थी महिला की मौत, राजेन्द्रनगर स्थित नर्सिंग होम पर लगा था आरोप

लखनऊ । राजधानी में निजी अस्पतालों की मनमानी इसलिए नहीं रूकती है कारण या तो अधिकारियों की धीमी गति की जांच या फिर अपने ही मामहतों को बचाने की प्रतिबद्धता है । दोनों ही वजहों में एक आम इंसान को न्याय नहीं मिल पाता है । मामला राजेन्द्रनगर स्थित सुनीता चंद्रा नर्सिंग होम का है जहां ऑपरेशन के दौरान गलत नस कटने की वजह से एक महिला की मौत हो गई थी । पीडि़त परिवार का आरोप है कि नर्सिंग होम की तरफ से लगातार जांच को प्रभावित करने की कोशिशें भी की जा रही हैं, जिसकी वजह से जांच अटकी हुई है ।
क्या था पूरा मामला
सआदतगंज निवासी 26 वर्षीय दिव्या शुक्ला का बच्चेदानी का ऑपरेशन होना था । उसे 17 मार्च को राजेंद्र नगर स्थित सुनीता चंद्रा नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया था जहां डॉक्टरों ने ऑपरेशन करने का निर्णय लिया और परिजनों से 10 हजार रुपये भी जमा करवा लिये । वहीं ऑपरेशन के दौरान मरीज की गलत नस कट गई । जिसकी वजह से काफी ब्लीडिंग हुई और मरीज की मौत हो गई ।
दिव्या के पति मोहित का आरोप है कि नर्सिंग होम के डॉक्टरों ने मामला बिगड़ने पर जबरन मरीज को दूसरे निजी अस्पताल के लिए रेफर कर दिया था । लेकिन अस्पताल पहुंचने पर चिकित्सकों ने बताया कि मरीज की काफी देर पहले ही मौत हो चुकी है । जब परिजन सुनीता चंद्रा अस्पताल पहुंचे और ऑपरेशन में लापरवाही का आरोप लगाने लगे तो डॉक्टरों ने खुद ही माना कि ऑपरेशन के दौरान हमसे गलती से दूसरी नस कट गई है । इसीलिए हमने मरीज को दूसरे अस्पताल भेजा था । हम इलाज का पूरा खर्च भी उठाने को तैयार थे, लेकिन मरीज की मौत हो गई तो क्या कर सकते हैं ।
डॉक्टरों ने गलत नस कटने की बात कबूल की थी
दिव्या के पिता दुर्गा प्रसाद अवस्थी का आरोप है कि ऑपरेशन के दिन अस्पताल के डॉक्टरों ने गलत नस कटने की बात कबूल की थी । उन्होंने मरीज के इलाज का सारा खर्च उठाने का वादा भी किया था लेकिन जैसे ही मरीज के मौत की जानकारी मिली । अस्पताल प्रशासन ने अपनी गलती मानने से इंकार कर दिया । इतना ही नहीं इलाज का खर्च अस्पताल की तरफ से वहन करने की बात को भी नकार दिया
।
नहीं मिली तीन दिन की जांच रिपोर्ट

पीडि़त परिवार ने मामले में न्याय के लिए सीएमओ लखनऊ से लिखित शिकायत कर जांच करवाने की मांग की थी । जबकि मृतका के पति मोहित और पिता दुर्गा प्रसाद का कहना है कि सीएमओ ने मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय टीम का गठन किए जाने और तीन दिन में जांच रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए थे । इसके बावजूद अब तक न तो कोई रिपोर्ट आई और न ही अस्पताल के खिलाफ किसी प्रकार की कार्रवाई की गई ।इस मामले में नाका थाने में सुनीता चंद्रा नर्सिंग होम के खिलाफ तहरीर भी दी गई थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई । दिव्या के पिता दुर्गा प्रसाद अवस्थी ने बताया कि नर्सिग होम से लगातार फोन पर धमकी दी जा रही है । हमारे ऊपर शिकायत वापस लेने का दबाव बनाया जा रहा है ।
डॉ. एस.के. सक्सेना सीएमओ पीआरओ, लखनऊ
अभी तक इसकी कोई जांच रिपोर्ट नहीं आयी है । इससे पहले भी सीएमओ डॉ. नरेंद्र अग्रवाल ने मामले को गंभीर बताकर कहा था कि जांच के लिए नियुक्त टीम अपना काम कर रही है । जल्द ही आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी ।

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