- हसनगंज पुलिस द्वारा जाली मार्कशीट और डिग्री पकड़े जाने का मामला
लखनऊ। राजधानी की हसनगंज पुलिस ने जाली मार्कशीट और डिग्री बनाकर ठगी करने वाले गिरोह का पदार्फाश कर बुधवार को सरगना समेत छह लोगों को गिरफ्तार किया तो अन्य कर्मचारियों के संलिप्त होना उजागर हुआ। इसी क्रम में गुरुवार को लखनऊ विश्वविद्यालय ने गिरोह में संलिप्त चार कर्मचारियों पर कार्रवाई करते हुए निलंबित कर दिया है। वहीं इस मामले में दो कर्मचारी अभी फ रार चल रहे हैं।
जानकारी के मुताबिक गुरुवार को पुलिस ने आरोपितों के बयान लिए जिसमें यूनिवर्सिटी के तीन अन्य कर्मचारी राजू पांडेय, गया बक्श सिंह, संजय चौहान के नाम उजागर हुए थे। वहीं गया बक्श सिंह और संजय चौहान अभी फ रार हैं । विवि प्रशासन ने नायाब समेत चारों कर्मचारियों को निलंबित कर दिया । इस मामले में कर्मचारियों से लेकर अधिकारियों तक कि मिली भगत सामने आ रही है। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए गुरुवार को विश्वविद्यालय के कई बाबुओं की अलमारियों को सील कर दिया। लविवि के कुलपति की ओर से एसएसपी को पत्र भी लिखा गया। वहीं अभी मामले में कई और पक्ष भी सामने आने बाकि है। गौरतलब हो कि बुधवार को हसनगंज पुलिस ने जाली मार्कशीट और डिग्री बनाकर छात्रों से ठगी करने वाले गिरोह का खुलासा करते हुए गिरोह के छह सदस्यों को गिरफ्तार किया गया था। जांच में लखनऊ विश्वविद्यालय के रिकॉर्ड रूम का कर्मचारी के शामिल होने की बात सामने आई थी। पकड़े गए आरोपितों में सीतापुर के महमूदाबाद स्थित सरदार सिंह इंटर कॉलेज का प्रिंसिपल और लविवि का एक बर्खास्त कर्मचारी भी शामिल थे। एएसपी ट्रांस गोमती अमित कुमार के मुताबिक छात्रों को विश्वविद्यालयों में प्रवेश दिलाने उनके नंबर बढ़ाने और मार्कशीट उपलब्ध कराने का झांसा देकर आरोपित मोटी रकम वसूलते थे।
अन्य विवि तक फैले हैं जाल
सीओ महानगर संतोष कुमार सिंह के मुताबिक पकड़े गए आरोपितों में निवाजगंज ठाकुरगंज निवासी नायाब हुसैन लविवि के रिकॉर्ड रूम का कर्मचारी है। आरोपित गोपनीय दस्तावेजों की देखरेख करता है। वहीं कल्याणपुर निवासी खिरोधन प्रसाद उर्फ गंगेश लविवि से बर्खास्त किया जा चुका है। इसके अलावा फैजुल्लागंज निवासी दीपक तिवारी के पिता प्रेम शंकर तिवारी विवि से ही सेवानिवृत हैं जबकि अमेठी गोसाईगंज निवासी दीवान सिंह जानकीपुरम में कोचिंग चलाता है। इंस्पेक्टर हसनगंज ने बताया कि छात्रों को फ र्जी मार्कशीट देने के लिए महमूदाबाद सीतापुर निवासी रवींद्र प्रताप स्कैनिंग का काम करता था जो वहीं पर सरदार सिंह महाविद्यालय के प्राचार्य पद पर तैनात है। रवींद्र ही सारे फ र्जी दस्तावेज स्कैन कर उसे वास्तविक मार्कशीट की तरह बनाता था। इसके अलावा खदरा निवासी मधुरेंद्र पांडेय जालसाजी में आरोपितों की मदद करता था। गिरोह के करीब आधा दर्जन सदस्य अभी फ रार हैं।
अब तक सैकड़ों फर्जी डिग्रियां बांट चुके हैं
पूछताछ में आरोपितों ने बताया कि अभी तक उन लोगों ने 250 से अधिक छात्र-छात्राओं को फ र्जी डिग्रियां बांटी हैं। गिरोह में कई विश्वविद्यालयों के कर्मचारी शामिल हैं। आरोपित खिरोधन वकालत करता है। खिरोधन के अलावा मधुरेंद्र गिरोह का मास्टर माइंड है। दोनों अपने-अपने घर से फ जीर्वाड़ा करते थे। पुलिस के मुताबिक गिरोह के सदस्य छात्र-छात्राओं को अपने जाल में फं साते थे। इसके बाद उन्हें विभिन्न विश्वविद्यालयों में प्रवेश दिलाने और परीक्षा में अधिक अंक दिलाने का झांसा देते थे। इसके एवज में छात्रों से मोटी रकम वसूलते थे और फि र उन्हें फ र्जी मार्कशीट थमा देते थे।
ऐसा खुला राज
जानकीपुरम निवासी सौरभ यादव ने हसनगंज कोतवाली में ठगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। सौरभ ने पुलिस का बताया था कि वर्ष 2018 में एलएलबी पांच वर्षीय दाखिले के लिए उसने लविवि में परीक्षा दी थी, लेकिन उसका नहीं हो पाया था। इस पर उसके रिश्तेदारों ने ट्यूशन पढ़ाने वाले दीवान सिंह से बात की तो उसने मैनेजमेंट कोटे से प्रवेश दिलाने की बात कही। झांसे में लेकर आरोपितों ने कई बार में डेढ़ लाख रुपये ले लिए। गिरोह ने सौरभ को फ र्जी मार्कशीट तक दिखाई और एडमिशन होने की बात कही। संदेह होने पर पीड़ित ने केस दर्ज कराकर कार्रवाई की मांग की थी।
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Thursday, 18 April 2019
जाली मार्कशीट के मामले में लविवि के चार कर्मचारी निलंबित
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