सौ बार भुलाओगे ! सौ बार याद दिलायेँगे हम ! ना तुम बाज आओगे ! ना बाज आयेंगे हम डॉ पंकज त्रिवेदी
बिलग्राम,हरदोई।आजादी से पहले सांडी – बिलग्राम और माधौगंज होते हुये कानपुर तक रेलवे लाइन पड़ी थी वर्ष 1942 में अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ हुये आंदोलन के उग्र होने पर तत्कालीन अफसरों ने सांडी से माधौगंज के बीच की रेल लाइन को उखड़वाकर क्रांतिकारियों को दबाने का प्रयास किया गया था । देश को आजादी मिलते वक्त क्षेत्र के लोगों को उम्मीद थी कि इस रेलवे लाइन को पुनः शुरू कराकर सरकार आजादी के दीवानों को श्रद्धांजलि देगी , लेकिन इस ओर किसी ने मुड़कर भी नहीं देखा । हर बार लोकसभा चुनाव में यह मुद्दा गरमाया नेताओं ने वादे किये लेकिन बाद में भूल गये इससे खफा इलाकाई लोगों ने रेल लाओ अभियान संघर्ष समिति का गठन किया डा.पंकज त्रिवेदी की अगुवाई में आँदोलन शुरू हुये जनप्रतिनिधियों से भी गुहार लगाई समिति की ओर से नगर से लेकर जिला मुख्यालय तक धरना प्रदर्शन व चक्का जाम किये गये रेल लाइन की मांग को लेकर नगर , जिला मुख्यालय , तहसील पर हस्ताक्षर अभियान भी चलाया गया 3 अगस्त 2015 को दिल्ली जंतर मंतर पर धरना प्रदर्शन कर माननीय प्रधानमंत्री और रेल मंत्री सम्बोधित ज्ञापन भी समिति दे चुकी है रेल लाओ संघर्ष समिति पिछले एक दशक से सांडी रेल लाइन की मांग को लेकर संघर्ष करती आ रही है मार्च 2016 में क्षेत्रीय सांसद की निष्क्रियता से आक्रोशित होकर समिति के द्वारा क्षेत्रीय सांसद के खिलाफ नगर व जिला मुख्यालय पर पोस्टर भी चस्पा किये जा चुके है समिति के अध्यक्ष के द्वारा माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपने खून से कई पत्र भी लिखे जा चुके है , क्षेत्रीय जनता के हस्ताक्षर उक्त कई पत्र व पोस्ट कार्ड PMO कार्यालय व रेल मंत्रालय को भेजे जा चुके है । वर्ष 2017 – 2018 के रेल बजट में सांडी में रेल लाइन पड़ने के लिये रेल मंत्रालय ने सर्वे के लिये धन आवंटित किया गया गया था पर समय रहते रेल मंत्रालय के द्वारा सर्वे नहीं कराया गया । वर्ष 2018 – 2019 के रेल बजट में भी हरदोई से गुरसहाय गंज वाया सांडी रेल लाइन के सर्वे हेतु धन आवंटित किया गया था क्षेत्रीय सांसद पर क्षेत्रीय जनता के दबाव के चलते अगस्त 2018 में उक्त रेल लाइन का हवा हवाई सर्वे कराया गया । क्षेत्रीय जनता ने सांसद अंशुल वर्मा को सरकार की घोषणा की याद दिलाई उन्होंने जब प्रयास किये तो रेल मंत्रालय ने मुख्य अभियंता के नेतृत्व में अभियंताओं की टीम गठित करते हुये सर्वेक्षण रिपोर्ट मांगी उत्तर रेलवे के अभियंताओं की टीम ने हरदोई से गुरसहायगंज वाया सांडी रेल लाइन का सर्वे किया और उत्तर रेलवे के अभियंताओं ने समाचार के माध्यम से जानकारी दी थी कि सांडी रेल लाइन सर्वे का ले – आउट शीघ्र ही जारी होगा पर कई महीने बीत गये पर अभी तक ले – आउट जारी नहीं हुआ न ही सरकार द्वारा कोई जानकारी दी गई।उधर सर्वे को लेकर रेल मंत्रालय के द्वारा की गई कार्यवाही के बाबत क्षेत्रीय सांसद अंशुल वर्मा कुछ बताने के लिये तैयार नहीं है क्षेत्रीय सांसद की निष्क्रियता के चलते सांडी रेल लाइन का सपना हकीकत में तब्दील होते नजर नहीं आ रहा है मानो ऐसा लगता है कि सांसद महोदय ने हवा हवाई रेल लाइन का सर्वे कराकर इति श्री कर ली हो ।समिति की ओर से सांडी रेल लाइन की माँग को लेकर सोशल मीडिया पर लोकसभा सभा प्रत्याशियों को लेकर कई पोस्टें डाली गई पर किसी भी दल के प्रत्याशी ने रेल लाइन की माँग को लेकर कोई भी टिप्पणी नहीं की । आखिर जिम्मेदार जनप्रतिनिधि क्यों चुप्पी साधे हुये है । समिति के अध्यक्ष डा.पंकज त्रिवेदी ने कहा कि सांडी को पुनः रेल लाइन से जोड़ने की मांग को लेकर संघर्ष करते रहेंगे परिणाम चाहें जो भी हो । उन्होंने कहा कि यदि लोकसभा चुनाव के पूर्व सांडी रेल लाइन की मांग को पूरा नहीं किया गया तो चुनाव बहिष्कार किया जायेगा और रेल नहीं तो वोट नहीं का नारा बुलंद किया जायेगा ।

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