सुल्तानपुर—– मेनका गांधी के नामांकन में भाजपा का कोई बड़ा चेहरा नही दिखाई पड़ा वही सुल्तानपुर से सटे अमेठी लोकसभा चुनाव से स्मृति ईरानी के नामांकन जुलूस में सूबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ के साथ सूबे के कई मंन्त्री सरीख हुए थे इस बात को लेकर जनपद में चर्चा का विषय बना हुआ है चर्चाएं आम हो रही है कि सात बार सांसद और कैबनेट मंन्त्री होने के बाद मेनका गांधी के नामांकन में पार्टी का बड़ा चेहरा न पहुचाना इस बात का कयास लगाया जाता है कि स्मृति ईरानी के आगे मेनका गांधी को भाजपा पार्टी बड़ा नेता नही मानती है बहरहाल पार्टी भले ही मेनका गांधी को बड़ा नेता न मानती हो लेकिन मेनका के नाम के आगे गांधी जुड़ना ही अपने आप मे एक बड़ा चेहरा माना जाता है सबसे बड़ी बात है कि मेनका गांधी उस समय भी कैबनेट मंन्त्री थी जब अटल जी की सरकार थी वही सवाल यह उठता है कि सात बार लगातार चुनाव जीत कर सांसद हुई और मंन्त्री भी बनी वही स्मृति ईरानी अमेठी से चुनाव हारने के बाद राज्य सभा सांसद बनी उसके बाद भी पार्टी ने स्मृति के आगे मेनका गांधी का कद छोटा माना वर्तमान समय मे मेनका गांधी परिवार कल्याण बाल विकास मंन्त्री है इसके पहले भी मेनका गांधी मंन्त्री रह चुकी है ।
कौन नेता हो रहे सरीख—–
मेनका गांधी के नामांकन में कैबिनेट मंत्री मोती सिंह और निषाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ संजय निषाद व राकेश त्रिवेदी मौजूद होना बताया गया है ।।

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