रहुला में तीन दिवसीय उर्स में जबरदस्त मुकाबला, कव्वाली ने सबको झूमने पर किया मजबूर
बिलग्राम,हरदोई-बिलग्राम क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम रहुला में हिंदू मुस्लिम एकता के प्रतीक पीर शहीद मर्द बाबा रहमतुल्ला अलैह के उर्स का बीते दिन समापन हो गया। तीन दिन तक चले उर्स में आसपास क्षेत्रों से आये हजारों की संख्या में जायरीनो ने रहुला पहुंच कर बाबा के मजार पर मन्नतें मागीं और तीनों दिन उर्स में मौजूद रह कर कव्वालियों का भरपूर लुत्फ उठाया।
आपको बता दें कि ये उर्स पिछले कई दशक से होता चला आ रहा है लेकिन बीते पांच सालों से ये उर्स इतने जोर शोर से मनाया जाने लगा है कि इसमें क्षेत्र के कोने कोने से दुकानदार रहुला में आकर यहां अपनी दुकाने लगाते है यहाँ उमड़ने वाली भीड़ के अलावा उर्स की कामयाबी का अंदाजा इस बात से भी लगाया जा सकता है कि इस बार उर्स में छोटे बड़े लगभग आधा दर्जन झूला, मौत कुआं, ड्रेगन ट्रेन, क्राकरी, सोफ्टी सहित घरेलू सामान की सैकड़ों दुकानें देखने को मिल रहीं थीं। वहीं तीन दिन तक चले उर्स में पहले दिन महफिल ए मिलाद का प्रोग्राम रखा गया ,जिसके बाद दोनों दिन कव्वाली का जबरदस्त मुकाबला देखने को मिला।दूसरे दिन के प्रोग्राम में कव्वाल साकिब अली साबरी फैजाबाद और सीबा परवीन कानपुरी ने अपने अपने कलाम से वो समा बांधा कि वहां मौजूद श्रोता सुबह तक डटे रहे। तीसरे दिन के प्रोग्राम में हिंदुस्तान के मशहूर कव्वाल जिन्होंने भारत के अलावा कई मुल्कों में अपनी गायकी का लोहा मनवाया है। असलम अकरम साबरी नासिक मुम्बई एवं रुखसाना परवीन बनारसी ने गायकी का वो शानदार मुजाहिरा पेश किया ,जिसे सुनकर लोग मंत्रमुग्ध हो गये। और उर्स कमेटी के पदाधिकारियों एवं आयोजकों को पल पल मुबारकबाद देते नजर आए।

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