उत्तराखंड में ऊंची जाति के कुछ लोगों ने कथित तौर पर इसलिए एक दलित युवक की बुरी तरह पिटाई कर दी, क्योंकि उसने उन लोगों के बगल में बैठकर शादी की दावत खाई थी। बाद में उसकी मौत हो गई।
न्यू टिहरी : देश 21वीं सदी के दूसरे दशक में है, हम चांद पर पहुंच रहे हैं। भारत अलग-अलग क्षेत्रों में कामयाबी की गाथा लिख रहा है, लेकिन इन सबके बीच उत्तराखंड के न्यू टिहरी से एक ऐसी खबर आई, जो बहुत कुछ सोचने पर मजबूर करती है। आर्थिक तरक्की और विकास के चेहरे पर वह किसी बदनुमा दाग की तरह है। हम एक तरफ सामाजिक समरसता के तमाम दावे करते हैं, ये बात अलग है कि समाज में जातिगत भेदभाव और दलितों के साथ दुर्व्यवहार का मामला खत्म होने का नाम नहीं ले रहा।
यहां एक दलित युवक की कुछ ऊंची जाति के लोगों ने कथित तौर पर सिर्फ इसलिए बुरी तरह पिटाई कर दी, क्योंकि उसने एक शादी समारोह के दौरान उसने उन लोगों की बगल में बैठकर भोजन करने की ‘हिमाकत’ की थी। बुरी तरह पिटाई से घायल युवक ने रविवार को अस्पताल में दम तोड़ दिया, जहां उसका इलाज चल रहा था। यह घटना 26 अपैल की बताई जा रही है, जब युवक ने एक शादी समारोह में उच्च जाति के कुछ लोगों के बगल में बैठकर दावत खाई थी, जिससे वे बुरी तरह भड़क गए थे।
दलित युवक की पहचान जितेंद्र (23) के तौर पर की गई है। उसकी बहन ने पुलिस में शिकायत दी है, जिसके आधार पर सात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। घटना श्रीकोट गांव में की है, जहां शादी समारोह में कई लोग पहुंचे हुए थे। डीएसपी उत्तम सिंह जिमवाल ने बताया कि मृतक की बहन की शिकायत पर पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ अनुसूचित जाति-अनुसूचित जनजाति कानून के तहत मामला दर्ज कर लिया है।
उन्होंने बताया कि दलित युवक के ‘निचली जाति से होने के बावजूद’ उसे अपने सामने खाना खाते देख ऊंची जाति के कुछ लोग भड़क गए और उन्होंने उसकी बुरी तरह पिटाई कर दी। पिटाई से गंभीर रूप से जख्मी युवक ने 9 दिनों बाद देहरादून के एक अस्पताल में दम तोड़ दिया। जिन सात लोगों के खिलाफ शिकायत दर्ज की गई है, उनके नाम गजेंद्र सिंह, सोबन सिंह, कुशल सिंह, गब्बर सिंह, गंभीर सिंह, हरबीर सिंह और हुकुम सिंह बताए गए हैं। पुलिस मामले की तफ्तीश में जुटी है।

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