लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने मंत्रिमंडल के सहयोगी और सुहेल देव भारतीय समाज पार्टी के अध्यक्ष ओपी राजभर को मंत्रिमंडल से बर्खासत् करने की सिफारिश की है। ओपी राजभर यूपी सरकार में पिछड़ा वर्ग कल्याण और दिव्यांगजन कल्याण मंत्री थे। दरअसल राजभर पिछले काफी समय से यूपी भाजपा से नाराज चल रहे थे और सार्वजनिक रूप से कई मौकों पर उन्होंने इसे जाहिर भी किया था।
यूपी सरकार ने इस बारे में ट्वीट करते हुए लिखा, ‘आज मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने महामहिम श्री राज्यपाल को पिछड़ा वर्ग कल्याण और दिव्यांग जन कल्याण मंत्री ओमप्रकाश राजभर को मंत्रिमंडल से तत्काल प्रभाव से बर्खास्त करने की सिफारिश की।’
आपको बता दें कि सुभासपा उत्तरप्रदेश में भाजपा की सहयोगी पार्टी है और 2017 के विधानसभा चुनाव में उसने चार सीटें जीती थीं । लोकसभा चुनाव में बीजेपी के साथ गठबंधन नहीं होने के कारण राजभर की पार्टी सुभासपा ने लोकसभा चुनाव में उत्तरप्रदेश से 39 प्रत्याशी उतारे हैं।
ओपी राजभर ने सरकार के इस निर्णय पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, ‘हम उनके फैसले का स्वागत करते हैं। सीएम ने बहुत अच्छा फैसला लिया है। उन्होंने सामाजिक न्याय समिति का गठन किया और अपनी रिपोर्ट को एक कूड़ेदान में फेंक दिया। उनके पास इसे लागू करने के लिए अतिरिक्त समय नहीं था। मैंने उनसे सामाजिक न्याय समिति की रिपोर्ट को जल्द से जल्द लागू करने का अनुरोध किया।’
ओपी राजभर अक्सर योगी सरकार को अपने निशाने पर लेते रहे हैं। कुछ दिन पहले ही उन्होंने दावा किया था कि पूर्वांचल की 30 सीटों में से भाजपा केवल तीन सीटें ही जीत पाएगी।राजभर ने एक चुनावी सभा में दावा किया कि भविष्य में केन्द्र व उत्तर प्रदेश में सपा व बसपा के सहयोग से ही किसी पार्टी की सरकार बनेगी। उन्होंने कहा कि भाजपा छठवें व सातवें चरण की तीन सीटों को छोड़कर अन्य सभी सीटों पर एक से तीन लाख के अंतर से चुनाव हारेगी। राजभर ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी झूठ बोलते हैं। अपने को पिछड़ा कहते हैं, पहले अपने को अगड़ा कहते थे।
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