नगर निगम, जल निगम तथा नगर पालिकाओं को निर्देश

लखनऊ। मौसम विभाग ने आगामी चार दिनों के लिए उत्तर प्रदेश में हीट वेव तथा लू की चेतावनी जारी की है। जिसे लेकर स्वास्थ्य विभाग भी सतर्क हो गया है। निदेशक संचारी रोग डॉ.मिथिलेश चतुर्वेदी ने कहा है कि लू से बचाव बहुत जरूरी है।
आप हो सकते हीट स्ट्रोक के शिकार

धूप में निकलते वक्त छाता लगा ले या टोपी पहन लें एवं ऐसे कपड़े पहने जिससे शरीर अधिक से अधिक ढका रहे। डॉ.मिथिलेश चतुर्वेदी ने आज सीएमओ कार्यालय में एक पत्रकार वार्ता के दौरान कहा कि गर्म लाल सूखी त्वचा का होना, पसीना ना आना, तेज पल्स होना, उथले श्वास गति में तेजी, व्यवहार में परिवर्तन, भ्रम की स्थिति, सिर दर्द, मतली, थकान और कमजोरी होना,चक्कर आना, मूत्र ना होना या इनमेंं कमी हीट स्ट्रोक के लक्षण है।
ग्रामीणों को किया निर्देशित
निदेशक संचारी रोग ने बताया कि पेयजल की व्यवस्था के लिए नगर निगम, जल निगम तथा नगर पालिकाओं को शासन द्वारा पत्र भेजा गया है जिसमें कहा गया है कि पेयजल की कमी वाले स्थानों पर टैंकर एवं प्याऊ द्वारा पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में इंडिया मार्क टू हैंड पंप के जल का प्रयोग पीने के लिए जागरूक की बात कही गई है। पत्र में यह भी कहा गया है कि सभी शैलों हैंडपंपों को चिन्हित करते हुए उसके जल का उपयोग पीने में ना करने के लिए भी ग्रामीणों को निर्देशित किया जाए।
सड़े गले खाद्य पदार्थों तथा फलों का प्रयोग न करें—डॉ.चतुर्वेदी
डॉ.चतुर्वेदी पानी ने बताया कि पानी का उचित एवं नियमित क्लोरिनेशन कराया जाना एवं जल की आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। आपूर्ति पेयजल में ओटी जांच नगर निगम, स्वास्थ्यविभाग एवं जल संस्थान के संयुक्त माध्यम से कराई जाए। सड़े गले खाद्य पदार्थों तथा फलों का प्रयोग न करें। बासी भोजन अथवा खुले में बिकने वाला गन्ने का रस, अन्य फलों का रस, कटे फल, खुली तली भुनी खाद्य वस्तुओं एवं प्लास्टिक पाउच में बिकने वाले पेयजल, खाद्य पदार्थों के प्रयोग को प्रतिबंधित किया जाए। संक्रमित, बासी खाद्य एवं पेय पदार्थों के प्रयोग न करने हेतु जनमानस में व्यापक स्वास्थ्य शिक्षा एवं प्रचार प्रसार सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने बताया कि जन सामान्य को क्या करें और क्या न करें के बारे में जानकारी दी जाए।

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