एक सिम से मात्र एक कॉल करने के बाद नष्ट कर दिया मोबाइल और सिम
>> सेकंड हैंड चाईनीज मोबाइल से 6 जनवरी को एक परिचित साथी को किया था कॉल
>> 27 मई को पालीगंज के आलू व्यवसायी दिलीप गुप्ता से 5 लाख रूपये रंगदारी की थी मांग
>> 33 दिन के अनुसंधान के बाद घर से गिरफ्तार हुआ विकास
रवीश कुमार मणि
पटना ( अ सं ) । अपराधी ने जो टेक्नोलॉजी और माइंड अपनाया था वह पुलिस के लिए सिरदर्द ही नहीं ,एक प्रकार से पहुंच पाना नामुमकिन था। लेकिन डीएसपी मनोज कुमार पांडे के रिसर्च के आगे चाईनीज टेक्नोलॉजी और और अपराधी का माइंड फेल हो गया और आखिरकार 33 दिनों के अनुसंधान के बाद विकास कुमार सिंह पुलिस के पकड़ में आया और मामले का खुलासा हुआ ।
एक कॉल कर मांगी रंगदारी और फिर कर दिया दोनों को नष्ट
पटना जिले के पालीगंज व्यवसायी दिलीप गुप्ता से बीते 27 मई को 5 लाख रूपये रंगदारी की मांग की गयी ।इसके पहले अपराधियों ने दिलीप गुप्ता के भाई अशोक गुप्ता को रंगदारी नहीं देने पर गोली मारकर जख्मी कर दिया था। रंगदारी की मांग के बाद कारोबारियों ने लगातार कई दिनों तक दुकानें बंद रखा और गिरफ्तारी की मांग करते रहे । पटना पुलिस के लिए मामले का खुलासा करना और अपराधियों तक पहुंचना एक चुनौती थीं ।
एसएसपी गरिमा मलिक ने पालीगंज डीएसपी मनोज कुमार पांडे के नेतृत्व में टीम गठित किया ।कारोबारी दिलीप गुप्ता से जिस नंबर से रंगदारी की मांग की गयी वह नंबर का कॉल डिटेल और कैफ निकला तो पुलिस आश्चर्य चकित रह गयी ,चुकी सिम नंबर से मात्र एक कॉल किया गया था। इसके पहले और बाद में किसी से कोई बात नहीं थीं और नंबर हमेशा -हमेशा के लिए बंद आ रहा था। जिस मोबाइल में नंबर इस्तेमाल हुआ वह चाईनीज निकला । इसमें आगे उक्त चाईनीज मोबाइल में भी कोई नंबर इस्तेमाल करने का कोई डिटेल नहीं मिला । अपराधी तक पहुंचना तो दूर मामले को सुलझाना पुलिस के लिए सिरदर्द बन गयी थीं ।
6 माह पहले एक परिचित को किया था कॉल
कहां गया हैं प्रयास करने वाले की कभी हार नहीं होती ।एसआईटी हेड ,डीएसपी मनोज कुमार पांडे ,चुप नहीं बैठे बल्कि लगातार जांच में जुटे रहे । जिस मोबाइल नंबर से आलू व्यवसायी से रंगदारी की मांग की थीं उस मोबाइल का आईएमआई भी भिन्न -भिन्न आ रहा था। एक आईएमआई का डिटेल से यह जानकारी मिली की मोबाइल सिम में एक नंबर 6 माह पहले इस्तेमाल हुआ हैं उससे भी मात्र एक कॉल । जब जांच आगे बढ़ी तो एसआईटी ने एक व्यक्ति को हिरासत में लिया । डीएसपी ने पूछताछ शुरू किया तो उक्त व्यक्ति ने बताया की वह मोबाइल दूसरे आदमी को बेच दिया हैं । पुलिस उक्त व्यक्ति के पास पहुंचा तो वह बताया की वह कल्याणपुर निवासी विकास कुमार के हाथों मोबाइल तो बेच दिया था।
डीएसपी के टारगेट पर आया विकास
विकास के पीछे एसआईटी लगी थी लेकिन उसका कोई सुराग नहीं मिल रहा था। संदिग्ध कार्य-व्यवहार की जानकारी लग चुकी थी। डीएसपी मनोज कुमार पांडे अपने खुफिया को लगा रखा था। इसी क्रम में बीते शनिवार की रात विकास को गांव कल्याणपुर में होने की सूचना मिली । डीएसपी मनोज कुमार पांडे के नेतृत्व में छापेमारी की गयी तो विकास कुमार सिंह घर से गिरफ्तार कर लिया गया । पूछताछ के बाद स्वीकार किया की उसने उक्त सिम और चाईनीज मोबाइल सेट को तोड़कर फेक दिया हैं ।इस तरह डीएसपी मनोज कुमार पांडे के सक्रियता से 33 दिनों के अनुसंधान के बाद आलू व्यवसायी से रंगदारी मांगने के मामले में कामयाबी मिली ।

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