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Sunday, 29 October 2017

प्रधानमंत्री ने ‘मन की बात’ के 37वें संस्करण में नेहरू, पटेल और इंदिरा को किया याद

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने कार्यक्रम ‘मन की बात’ के 37वें संस्करण में जवाहरलाल नेहरू, सरदार वल्लभ भाई पटेल, इंदिरा गांधी समेत कई महान हस्तियों को याद किया।
इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने दिवाली के बाद मनाए जाने वाले महापर्व छठ की देश के लोगों को शुभकामनाएं दीं। इस दौरान पीएम ने ‘मन की बात’ को लेकर कहा कि इस कार्यक्रम की सराहना भी होती है और आलोचना भी, लेकिन इसके प्रभाव को देखने के बाद उनका विश्वास दृढ़ हो जाता है।
खादी की रेकॉर्ड बिक्री
पीएम ने बताया कि हर बार गांधी जयंती के मौके पर वह खादी के लिए वकालत करते हैं। इसे लेकर अब परिणाम भी आने लगे हैं। पीएम ने कहा, ‘जो आंकड़े मैं आपको दे रहा हूं उन्हें जानकर आपको हैरानी होगी कि इस बार 17 अक्टूबर को धनतेरस के दिन दिल्ली के खादी ग्रामोद्योग स्टोर में लगभग 1 करोड़ 20 लाख रुपये की रेकॉर्ड बिक्री हुई है। एक ही स्टोर में इस स्तर पर बिक्री होना वाकई संतोष देता है।’ पीएम ने बताया दिवाली के दौरान खादी गिफ्ट कूपन की बिक्री में करीब-करीब 680 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। खादी और हेंडीक्राफ्ट की कुल बिक्री में भी पिछले वर्ष से, इस वर्ष करीब-करीब 90 प्रतिशत वृद्धि देखने को मिली है। यह दिखाता है कि आज युवा, बड़े-बूढ़े, महिलाएं, हर आयु वर्ग के लोग खादी और हैंडलूम को पसन्द कर रहे हैं । पीएम ने कहा, ‘मैं कल्पना कर सकता हूं कि इससे कितने बुनकर परिवारों को, गरीब परिवारों को, हथकरघा पर काम करने वाले परिवारों को, कितना लाभ मिला होगा, पहले खादी, ‘खादी फॉर नेशन’ था और हमने ‘खादी फॉर फैशन’ की बात कही थी, लेकिन पिछले कुछ समय से मैं अनुभव से कह सकता हूं कि खादी फॉर नेशन और खादी फॉर फैशन के बाद अब खादी फॉर ट्रांसफॉर्मेशन की जगह ले रहा है।
साझा किए जवानों के साथ दिवाली के अनुभव
पीएम ने कहा, ‘मुझे एक बार फिर सीमा पर तैनात हमारे जाबांज सुरक्षाबलों के साथ दिवाली मनाने का सौभाग्य मिला, इस बार जम्मू-कश्मीर के गुरेज सेक्टर में सुरक्षाबलों के साथ दिवाली मनाना मेरे लिए अविस्मरणीय रहा। सीमा पर जिन कठिन और विषम परिस्थितियों का सामना करते हुए हमारे सुरक्षाबल देश की रखवाली करते हैं उस संघर्ष, समर्पण और त्याग के लिए, मैं सभी देशवासियों की तरफ से हमारे सुरक्षा-बल के हर जवानों का आदर करता हूं। जहाँ हमें अवसर मिले, जब हमें मौका मिले – हमारे जवानों के अनुभव जानने चाहिए, उनकी गौरवगाथा सुननी चाहिए।’ पीएम ने कहा, ‘हम में से कई लोगों को पता नहीं होगा कि हमारे सुरक्षा-बल के जवान, न सिर्फ हमारे बॉर्डर पर, बल्कि विश्वभर में शांति स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।’ मोदी ने बताया कि यूएन पीसकीपर बनकर वे दुनिया में हिन्दुस्तान का नाम रोशन कर रहे हैं।
निवेदिता के समर्पण का जिक्र
पीएम मोदी ने कहा, ‘हमारी पुण्य भूमि ऐसे महान लोगों से सुशोभित रही है जिन्होंने निस्वार्थ भाव से मानवता की सेवा की है। सिस्टर निवेदिता, जिन्हें हम भगिनी निवेदिता भी कहते हैं, वो भी उन असाधारण लोगों में से एक थीं। वो आयरलैंड में मार्गरेट एलिजाबेथ नोबेल के रूप में जन्मी थीं, लेकिन स्वामी विवेकानंद ने उन्हें ‘निवेदिता’ नाम दिया। निवेदिता का अर्थ है वो जो पूर्ण रूप से समर्पित हो। बाद में उन्होंने अपने नाम के अनुरूप ही अपने स्वयं को सिद्ध करके दिखाया। पीएम ने बताया कि शनिवार को भगिनी निवेदिता की 150वीं जयंती थी । वह स्वामी विवेकानंद से इतना प्रभावित हुईं, कि अपने सुखी-संपन्न जीवन का त्याग कर दिया और अपने जीवन को गरीबों की सेवा के लिए समर्पित कर दिया।
नेहरू को किया याद
इस दौरान पार्थ शाह नाम के व्यक्ति ने पूछा कि 14 नवंबर को नेहरू जी का जन्मदिन है, इसी दिन डायबिटीज डे भी है। बच्चों को भी इस रोग से जूझना पड़ रहा है। शाह ने इस चुनौती से निपटने को लेकर सवाल पूछा। इस पर पीएम ने जवाब देते हुए कहा, ‘सबसे पहले तो हमारे पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू जी के जन्मदिन पर मनाए जाने वाले बाल दिवस की सभी बच्चों को बहुत-बहुत शुभकामनाएं।’ पीएम ने कहा कि बच्चे नए भारत के निर्माण के सबसे महत्वपूर्ण हीरो हैं, नायक हैं। उन्होंने कहा, ‘आज बड़ा आश्चर्य होता है, जब सुनते हैं कि बच्चे भी ऐसे रोग से पीड़ित हो रहे हैं। पहले के जमाने में ऐसे रोगों को ‘राज-रोग’ के नाम से जाना जाता था। राज-रोग अर्थात ऐसी बीमारियां जो केवल संपन्न लोगों को ही हुआ करती थी। आज इन बीमारियों को लाइफ स्टाइल डिस्ऑर्डर के नाम से जाना जाता है।’ मोदी ने कहा कि वह चाहते हैं कि परिवारजन जागरूकतापूर्वक ये प्रयास करें कि बच्चे, खुले मैदानों में खेलने की आदत बनाएं। संभव हो तो सब परिवार के बड़े लोग भी इन बच्चों के साथ जरा खुले में जाकर कर के खेलें। पीएम ने सलाह दी कि बच्चों को लिफ्ट से ऊपर जाने-आने की बजाय सीढियां चढ़ने की आदत लगाएं, रात के खाने के बाद पूरा परिवार बच्चों को लेकर के कुछ देर टहलने का प्रयास करें।
पटेल और इंदिरा गांधी का भी जिक्र
पीएम मोदी ने बताया कि दो दिन के बाद 31 अक्तूबर को सरदार वल्लभ भाई पटेल जी की जन्म-जयंती मनाई जाएगी। सब जानते हैं कि आधुनिक अखण्ड भारत की नींव, इन्होंने ही रखी थी। भारत मां की उस महान संतान की असाधारण यात्रा से आज हम बहुत कुछ सीख सकते हैं। मोदी ने बताया कि 31 अक्तूबर को इंदिरा गांधी भी इस दुनिया को छोड़ कर चली गईं थीं। पटेल की विशेषता यह थी कि वे न सिर्फ परिवर्तनकारी विचार देते थे, लेकिन वह इसे कर दिखाने के लिए जटिल-से-जटिल समस्या का व्यावहारिक हल ढूंढने में काबिल थे। पीएम ने कहा, ‘ पटेल के निर्णय क्षमता ने उन्हें सारी बाधाओं को पार करने का सामर्थ्य दिया। जहां मान-मनौवल की आवश्यकता थी, वहां उन्होंने मान-मनौवल किया, जहां बल-प्रयोग की आवश्यकता पड़ी, वहां बल-प्रयोग किया।’
-एजेंसी

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