पिछले 40 सालों में स्पेन एक बड़े सियासी संकट से जूझ रहा है. यह यूरोपीय यूनियन के लिए भी एक बड़ी चुनौती है.
सालों से जारी कटुता के बीच आज़ादी समर्थकों ने कैटेलोनिया को स्वतंत्र देश घोषित कर दिया. इसकी प्रतिक्रिया में स्पेन ने इस स्वायत्त इलाक़े पर सीधे शासन को लागू कर दिया. ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्या ये मुद्दा सुलझ गया या फिर दिक्कत बढ़ेंगी?
संकट की दस्तक कैसे?
सालों से कैटलन स्वायत्तता की सीमा को लेकर असंतोष जता रहे हैं. कैटेलोनिया को स्पेन के संविधान में एक स्वायत्त इलाक़े का दर्जा मिला हुआ है. हालांकि कैटलन संसद से स्वतंत्रता की घोषणा के साथ ही स्पेन ने स्वायत्तता को ख़त्म कर दिया है.
27 अक्टूबर को स्थानीय संसद ने आधिकारिक रूप से स्पेन से अलग आज़ाद देश की घोषणा कर दी थी. संसद में अलगाववादी सांसद बहुमत में हैं.
कैटलन सांसदों ने स्पेन से वैधानिक अधिकार वापस लेने के पक्ष में मतदान किया था. इसी के तहत कैटेलोनिया को एक संवैधानिक राज्य से स्वतंत्र गणतंत्र बनाने की घोषणा की गई. इसका मतलब यह हुआ कि कैटेलोनिया अब स्पेन के संविधान को नहीं मानेगा.
कैटेलोनिया में वैसे सांसद भी हैं जो स्पेन से आज़ादी के ख़िलाफ़ हैं. हालांकि इनकी तादाद काफ़ी छोटी है.
इससे पहले कैटेलोनिया में एक अक्टूबर को स्पेन से आज़ादी के लिए एक जनमत संग्रह कराया गया था. इस जनमत संग्रह पर स्पेन ने पाबंदी लगाने की कोशिश की थी.
जनमत संग्रह के आयोजकों का दावा था कि 43 फ़ीसदी मतदान हुआ था और इसमें 90 फ़ीसदी लोगों ने स्पेन से आज़ादी के पक्ष में मतदान किया था.
स्पेन की प्रतिक्रिया क्या रही?
स्पेन ने आज़ादी की घोषणा की प्रतिक्रिया में आपातकालीन शक्ति का इस्तेमाल किया. इस शक्ति का उल्लेख स्पेन के संविधान के अनुच्छेद 155 में है.
इसी के तहत कैटेलोनिया के स्थानीय राष्ट्रपति कार्लस पुजिमोंट और उनकी पूरी कैबिनेट को बर्खास्त कर दिया गया. इसके साथ ही स्थानीय संसद भी भंग कर दी गई.
स्पेन के प्रधानमंत्री मारियानो रखोई ने अपनी विश्वासपात्र उपप्रधानमंत्री सोराया सायन को कैटेलोनिया की ज़िम्मेदारी दी है.
इसके साथ ही स्पेन ने कैटेलोनिया में 21 दिसंबर को चुनाव कराने की भी घोषणा की है. कैटेलोनिया में 17 हज़ार मजबूत पुलिस बलों की मौजूदगी है. इन पुलिस बलों की कमान स्पेन के गृह मंत्री के पास है.
अब कैटलन अलगाववादियों के पास क्या विकल्प है?
पुजिमोंट ने कहा है कि वो और उनके साथी लोकतांत्रिक तरीक़े से स्पेन के सीधे शासन का विरोध करेंगे. बड़ा सवाल यह है कि पुलिस बलों को निलंबित अधिकारियों से दफ़्तर ख़ाली कराने का आदेश मिलेगा तो वो क्या करेंगे.
आज़ादी समर्थकों ने कैटेलोनिया को स्वतंत्र देश बनाने के फ़ैसले के पक्ष में व्यापक विरोध प्रदर्शन की अपील की है.
इसका मतलब यह हुआ कि स्पेन की प्रतिक्रिया के विरोध में अलगाववादी हड़ताल, बहिष्कार और रैलियों का आयोजन करेंगे. मुख्य अलगाववादी समूह ग्रासरूट्स ग्रुप और कैटलन नेशनल असेंबली रखोई प्रशासन को विदेशी सरकार कह रहे हैं.
कैटलन सरकार के मातहत काम करने वाले 27 हज़ार कर्मियों से इन्होंने कहा है कि वो स्पेन सरकार के आदेशों का पालन नहीं करें और शांतिपूर्वक प्रतिरोध का साथ दें.
क्या अलगाववादियों पर क़ानूनी शिकंजा कसेगा?
स्पैनिश अभियोजक विद्रोहियों पर आरोप तय कर सकते हैं. जिन अपराधों के लिए आरोप तय किए जाएंगे उनमें 30 साल की क़ैद हो सकती है. स्पेन सरकार के निशाने पर जो लोग हैं, उनमें कार्लस पुजिमोंट सबसे आगे हैं.
हालांकि अदालत को फ़ैसला करना है कि वो उन आरोपों को स्वीकार करती है या नहीं. कैटेलोनिया को गणतंत्र बनाने की घोषणा गोपनीय बैलेट के ज़रिए की गई है. इसका मतलब यह हुआ कि उन सांसदों पर आरोप तय करना आसान नहीं होगा.
क्या स्पेन के नियंत्रण में यह इलाक़ा रहेगा?
यह अभी साफ़ नहीं है कि कितनी जल्दी और कितना प्रभावकारी तरीक़ से स्पेन कैटेलोनिया पर नियंत्रण हासिल कर पाएगा. ऐसा कहा जा रहा है कि सुरक्षाबलों को निष्पक्ष रहने का निर्देश दिया गया है.
इन्हें स्पेन से अगले आदेश मिलने तक किसी भी कार्रवाई के लिए इंतज़ार करने को कहा गया है. कैटेलोनिया में दिसंबर में चुनाव हो जाने तक स्पेन यहां ज़्यादा सतर्क रहेगा.
स्पेन के मन में कैटेलोनिया को लेकर कोई ऊहापोह की स्थिति नहीं है, लेकिन चीज़ें काफ़ी जटिल हैं. पुलिस कोई भी कड़ा क़दम उठाने को लेकर काफ़ी सतर्क रहेगी. एक अक्टूबर को जनमत संग्रह के दौरान पुलिस की कार्रवाई की कड़ी निंदा हुई थी.
क्या समझौते की कोई संभावना बची है?
स्वतंत्र गणतंत्र की घोषणा और स्वायत्तता ख़त्म करने के निर्णय के बाद स्पेन और कैटेलोनिया अलग-अलग छोर पर खड़े हैं. स्पेन कैटलन राष्ट्रवादियों को और स्वायत्तता देने की बात कर सकता है. इसमें संवैधानिक संशोधन 2006 शामिल है जो कैटेलोनिया की स्थिति को और मजबूत करता है.
आर्थिक चिंताएं
कैटेलोनिया स्पेन का सबसे संपन्न इलाक़ा है. कैटेलोनिया में इस गतिरोध के कारण कई कंपनियों ने अपना वैधानिक मुख्यालय यहां से हटाने का फ़ैसला किया है.
कैटेलोनिया पर क्या है दुनिया भर के देशों का रुख़?
कैटेलोनिया ने जनमत संग्रह के बाद दुनिया भर के देशों से अलग देश के रूप में मान्यता देने की अपील की थी. कैटेलोनिया ने स्थानीय संसद से स्वतंत्र देश की घोषणा के बाद यूरोपीय यूनियन से हस्तक्षेप कर स्पेन की कार्रवाई को रोकने की अपील की थी.
हालांकि यूरोपीय यूनियन और यहां तक कि अमरीका ने भी साफ़ कह दिया है कि यह स्पेन का आंतरिक मामला है.
-BBC
The post यूरोपीय यूनियन के लिए भी बड़ी चुनौती है स्पेन का सियासी संकट appeared first on Legend News: Hindi News, News in Hindi , Hindi News Website,हिन्दी समाचार , Politics News - Bollywood News, Cover Story hindi headlines,entertainment news.

No comments:
Post a Comment