South India के कई संत-मठाधीश भी लड़ सकते हैं चुनाव, योगी की भांति संघ की इन पर भी नज़र | Alienture हिन्दी

Breaking

Post Top Ad

X

Post Top Ad

Recommended Post Slide Out For Blogger

Friday, 8 December 2017

South India के कई संत-मठाधीश भी लड़ सकते हैं चुनाव, योगी की भांति संघ की इन पर भी नज़र

बेंगलुरु। आरएसएस अब अपनी राजनीतिक दांवपेंच में South India के कई संत-मठाधीशों को भी चुनाव मैदान में उतार सकती है। उत्‍तरप्रदेश की तर्ज पर योगी आदित्‍यनाथ की भांति संघ की इन पर भी नज़र बनी हुई है। हालांकि अभी किसी ने भी अभी पत्‍ते नहीं खोले हैं।

अभी तक उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ की लहर चलने की बात तो होती रहती है लेकिन अब राज्य से कई मील दूर South India में भी उनका प्रभाव देखने को मिल रहा है।

कर्नाटक विधानसभा चुनाव साल 2018 में होने हैं और योगी आदित्यानाथ की यूपी में फतह को देखते हुए राज्य के करीब आधा दर्जन स्वामी राजनीति में कदम रखने को तैयार हो रहे हैं। अब वह केवल पर्दे के पीछे भूमिका निभाने तक सीमित नहीं रहेंगे।

South India में गुरुपुरा वज्रदेही मठ के श्री राजशेखरनंद स्वामी, श्री गुरु बसवा महामने के श्री बसवानंद स्वामी जी और श्री शिव शरण मदरा गुरु पीठ के श्री मदरा चेन्नैया स्वामी का नाम शामिल

ये सभी अपनी राजनीतिक पारी की शुरुआत करने के लिए अपने सामाजिक कार्यों से लेकर तेज-तर्रार भाषणों तक में जुट गए हैं। राजनीतिक जानकार बताते हैं कि ऐसे स्वामियों को कांग्रेस अपने खेमे में करना चाहती है लेकिन इनमें से ज्यादातर भारतीय जनता पार्टी के साथ जाना चाहते हैं। ऐसे में कांग्रेस की कोशिश है कि भले ही वे पार्टी में शामिल न हो, कम से कम बीजेपी के साथ भी न जाएं। बताया जा रहा है कि कम से कम चार स्वामी बीजेपी के टिकट पर आगामी चुनाव में लड़ना चाहते हैं।

सामाजिक कार्यों के सहारे राजनीति में आने को तैयार बसवानंद
बीजेपी के टिकट से आर्थिक रूप से पिछड़ी कलाघाटगी सीट से चुनाव लड़ने के इच्छुक बसवानंद को विश्वास है कि उनकी जीत जरूर होगी। उनके फेसबुक पेज पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ उनकी तस्वीरें देखी जा सकती हैं। अगर वह चुनाव लड़ते हैं तो उनका सामना श्रम मंत्री संतोष लाड से होगा। स्वामी को भी इलाके में शिक्षा, स्वास्थ्य और पशु कल्याण के क्षेत्र में काम के लिए जाना जाता है। उनके हजारों अनुयायी भी उनकी जीत में भूमिका निभा सकते हैं।

बसवानंद कहते हैं कि जब राजनेता भलाई औेर लोगों के लिए काम नहीं कर रहे तो क्यों नहीं उन्हें राजनीति में कदम रखना चाहिए। उन्होंने कहा कि आजकल राजनीति को हर खराब बात के साथ जोड़ा जाता है। उन्होंने कहा कि वह दिखाना चाहते हैं कि राजनीति अच्छाई के साथ भी की जा सकती है। उन्होंने साफ किया कि वह बीजेपी के अलावा किसी और पार्टी के टिकट से चुनाव नहीं लड़ेंगे।

संघ के सबसे ज्‍यादा करीबी हैं राजशेखरानंद स्वामी
सांप्रदायिक रूप से संवेदनशील तटीय क्षेत्र में बीजेपी भी योगी आदित्यनाथ जैसे किसी उम्मीदवार को उतारना चाहती है। इसके लिए श्री राजशेखरानंद स्वामी का नाम काफी आगे माना जा रहा है। उन्हें न सिर्फ स्थानीय संघ परिवार का समर्थन मिला हुआ है बल्कि पार्टी लाइन की तरह ही स्वामी गोरक्षण के लिए भी जाने जाते हैं।

मदरा चेन्नैया स्वामी ने अभी तक नहीं खोले पत्ते
इसी तरह केंद्रीय कर्नाटक में श्री मदरा चेन्नैया स्वामी ने अभी तक यह साफ नहीं किया है कि उनका रुझान किस पार्टी की ओर है। राज्य बीजेपी के अध्यक्ष बी एस येदियुरप्पा उनसे मिलने मठ पहुंचे तो सीएम सिद्धारमैया भी उन्हें मनाने में लगे हैं। मदरा अभी भी कह रहे हैं कि उनके संबंध सभी राजनीतिक दलों से अच्छे हैं लेकिन खबरें हैं कि वह बीजेपी को ही चुनने वाले हैं।

South India की ये राजनीति अगले चुनावों में अगर भगवा रंग में सराबोर दिखे तो आश्‍चर्य नहीं होगा।    – एजेंसी

The post South India के कई संत-मठाधीश भी लड़ सकते हैं चुनाव, योगी की भांति संघ की इन पर भी नज़र appeared first on Legend News: Hindi News, News in Hindi , Hindi News Website,हिन्‍दी समाचार , Politics News - Bollywood News, Cover Story hindi headlines,entertainment news.

No comments:

Post a Comment

Post Top Ad