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Thursday, 5 April 2018

सात वर्ष से कम अपराध के बंदी सौदा अभिवाक कानून का उठाए लाभ: जिला न्यायाधीश

– जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा जिला कारागार में किया गया ‘‘लीगल एड क्लीनिक का उद्घाटन

सीतापुर। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में बुधवार को जिला कारागार में ‘‘लीगल ऐड क्लीनिक’’ का उद्घाटन जिला न्यायाधीश द्वारा किया गया। इस दौरान कार्यक्रम में प्राधिकरण की सचिव एवं न्यायाधीश रूपाली सक्सेना, न्यायाधीश पूनम सिंह समेत बार एसोसिएशन के अधिवक्ता, विधिक स्वंयसेवी शामिल रहे। उद्घाटन कार्यक्रम का शुभारम्भ जिला न्यायाधीश राजेन्द्र कुमार द्वारा माॅ सरस्वती के चित्र पर माल्र्यापण एवं कक्ष का फीता काटकर उद्घाटन किया गया। तत्पश्चात उन्होंने कक्ष में प्राधिकरण द्वारा उपलब्ध कराये गये कम्प्यूट, प्रिन्टर, इण्टरनेट सुविधा, फर्नीचर आदि का निरीक्षण भी किया। वहीं उद्घाटन कार्यक्रम में उनका स्वागत जेल अधीक्षक डीसी मिश्रा द्वारा बैंच अलंकरण व पुष्प गुच्छ देकर किया गया। साथ ही जेलर आनन्द शुक्ला, डिप्टी जेलर शैलेस सोनकर, देवकान्त वर्मा व सुरेन्द्र त्रिपाठी, चिकित्सक डाॅ0 जितेन्द्र कुमार द्वारा उपस्थित अन्य अतिथियों का पुष्प गुच्छ व बैंच अलंकर कर स्वागत किया गया। कार्यक्रम के दौरान जिला न्यायाधीश द्वारा महिला बंदियों को सिलाई-कढ़ाई व ब्यूटी पार्लर का प्रशिक्षण देने के लिए नियुक्ति की गई विधिक स्वंयसेवी मीनू और संतोष को किट भेंट कर प्रशिक्षण का शुभारम्भ करवाया गया। जो सप्ताह में निर्धारित तिथियों पर आयोजित किया जाएगा। वहीं कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए जिला न्यायाधीश राजेन्द्र कुमार ने बंदियांे को सम्बोधित करते हुए कहा कि आप सभी न्यायालय से संवेदना व्यक्त करते हुए अपने जुल्म का इकबाल करते हुए न्यायालय में आवेदन करे, जिससे आपकी सजा का समाधान करवाया जा सके। जबकि सात साल से कम अपराध के बंदी सौदा अभिवाक कानून का लाभ भी उठा सकते है। न्यायाधीश ने कहा कि मैं एक ऐसे न्यायालय की स्थापना करना चाहता हूॅ, जिससे इस प्रकार के वाद का ही नहीं, बल्कि ज्यादा से ज्यादा मुकदमों का निस्तारण हो सके। उन्होंने अंत में पंक्तियों के माध्यम से बंदियों को न्यायहित में जागरूक भी किया। वहीं सचिव न्यायाधीश रूपाली सक्सेना ने कहा कि जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की स्थापना ही इसलिए हुई है कि आप सभी की समस्या का निशुल्क निस्तारण किया जा सके। उन्होंने कहा कि लीगल ऐड क्लीनिक में आप सभी को न सिर्फ अधिवक्ता की सहायता मिलेगी, बल्कि आपके मुकदमें में पैरोकार, चिकित्सा, परिवार को संदेश भेजने की सहायता मिलेगी। न्यायाधीश ने कहा कि प्राधिकरण को किसी भी सीमा में नहीं बाधा जा सकता है, वह आपकी समस्या के निस्तारण के लिए ही है। वहीं न्यायाधीश पूनम सिंह ने कहा कि आप सभी की समस्या के लिए लीगल ऐड क्लीनिक का शुभारम्भ किया गया है, जिससे आप अपने अधिकारों को जान सके। वहीं बार एसोसिएशन सचिव राम मोहन पाण्डेय ने कहा कि परिस्थितियों कैसी भी हो, परन्तु हमे अपने चरित्र व कर्तव्यों के प्रति सजग रहना चाहिए। इसी के साथ कार्यक्रम को अधिवक्ता अरूण मिश्रा, विजय अवस्थी, अम्ब्रीश शुक्ला, सुनीत शुक्ला, गिरीश चन्द्र मिश्रा तथा समाजसेवी अनिल द्विवेदी ने भी सम्बोधित करते हुए उपस्थित महिला व पुरूष बंदियों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करते हुए न्यायहित की जानकारी दी। इस मौके पर विधिक स्वयंसेवी सूरज रायबहादुर, रितिकेष श्रीवास्तव, रौनक अली, मोहित यादव, हिमांशु अवस्थी, सरोज कुमार, रामबाबू मिश्रा, मीनू, मिथिलेश सक्सेना, सन्तोष वर्मा, महिपाल सिंह यादव, लिपिक अशोक कुमार राना समेत अन्य अधिवक्ता, जेल अधिकारी व कर्मचारी समेत अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे।

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