
नई दिल्ली. आधार से जुड़े मामलों की सुनवाई कर रही सुप्रीम कोर्ट की बेंच ने कहा कि आधार में और ज्यादा बायोमेट्रिक फीचर्स जोड़े जा सकते हैं। बेंच ने केंद्र से पूछा कि ऐसा करना क्या शक्तियों का जरूरत से ज्यादा इस्तेमाल नहीं होगा। केंद्र की तरफ से अटॉर्नी जनरल केके वेणुगोपाल ने कहा, "ब्लड, यूरिन, डीएनए जैसी चीजें जोड़ी जा सकती हैं, लेकिन ये कोर्ट के विचार का विषय होंगी। जैसा कि अभी कोर्ट ये पड़ताल कर रहा है कि क्या फिंगरप्रिंट और आइरिस स्कैन निजता का उल्लंघन तो नहीं हैं।' इस पर बेंच ने कहा, "बायोलॉजिकल तरीके क्या होंगे और इन्हें इकट्ठा करने का क्या तरीका होगा, ये अधिकार यूआईडीएआई का है।" वेणुगोपाल ने ये भी कहा कि अगर सरकार के हर कदम की न्यायिक समीक्षा होगी तो विकास धीमा होगा।
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