लखनऊ। मायावती ने कहा कि मुझे भरोसे है कि देश की स्वाभिमानी दलित समाज की लोग स्वार्थी और बिकाऊ मानसिकता वाले सांसद (भाजपा दलित सांसद) को माफ करने वाले नहीं हैं।
बसपा प्रमुख मायावती ने रविवार को लखनऊ में कहा कि भारत बंद का विरोध काफी हद तक कामयाब रहा। इसने भाजपा को डरा दिया है और जिन राज्यों में उसकी सत्ता है वहां के अफसरों ने दलितों पर अत्याचार शुरू कर दिए हैं। कई दलित और उनके परिवारवालों को गिरफ्तार किया जा रहा है। उन्होंने बीजेजी के दलित सांसदों पर भी निशाना साधा। कहा कि जनता उन्हें कभी माफ नहीं करेगी। बता दें कि 2 अप्रैल को दलित संगठनों के भारत बंद के दौरान 12 राज्यों में हिंसा भड़की थी। इसमें 15 लोगों की मौत हो गई थी।
भाजपा के दलित सांसद मोदी सरकार से नाराज
भाजपा के 4 दलित सांसदों ने दलितों के मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेटर लिखकर नाराजगी जताई थी। इनमें यशवंत सिंह अशोक दोहरे छोटेलाल खरवार और उदित राज शामिल हैं। बहराइच से सांसद सावित्री बाई ने सरकार पर आरक्षण खत्म करने की साजिश का आरोप लगाया था।
मायावती ने किया था बंद का समर्थन
एससी-एसटी एक्ट पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ दलितों द्वारा 2 अप्रैल भारत बंद का बसपा सुप्रीमो मायावती ने समर्थन किया था। उन्होंने कहा कि था कि हम बंद का समर्थन करते हैं लेकिन मुझे पता चला है कि कुछ लोग इस आंदोलन में हिंसा कर रहे हैं। मैं उसकी निंदा करती हूं। इस हिंसा के पीछे हमारी पार्टी का हाथ नहीं है।
सुप्रीम कोर्ट ने 20 मार्च को जारी एक आदेश में एससी-एसटी एक्ट के दुरुपयोग पर चिंता जताते हुए इसके तहत तत्काल गिरफ्तारी या आपराधिक मामला दर्ज करने पर रोक लगा दी थी।
कोर्ट ने एससी-एसटी एक्ट के तहत दर्ज होने वाले केसों में अग्रिम जमानत को भी मंजूरी दे दी थी। केंद्रीय मंत्रियों रामविलास पासवान और थावरचंद गहलोत की अगुआई में एससी-एसटी सांसदों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलकर विरोध दर्ज करवाया था।


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