
महिपाल सिंह डिग्री कालेज खुमारीपुर का मामला
हरदोई-07अप्रैल कालेज प्रबंधन की लापरवाही से एमए की छात्रा का एक वर्ष बर्बाद कर दिया गया। उसका इस वर्ष फाइनल का एग्जाम था पर कालेज प्रबंधन ने उसे एडमिट कार्ड नही दिया, जिससे वह एमए फाइनल की परीक्षा से वंचित रह गयी। मामला श्री महिपाल सिंह डिग्री कालेज खुमारीपुर का है। छात्र-छात्राओं के भविष्य से खिलवाड़ करने में ये कालेज पहले भी चर्चा में रहा है, पर जिम्मेदार अधिकारियों की उदासीनता से कालेज प्रबंधन पर कोई कार्यवाही नही होती।हरदोई के बावनचुंगी निवासी मनीषा पुत्री रामऔतार ने डीएम को दिए गए शिकायती पत्र में कहा है कि उसने सत्र 2016 में श्री महिपाल सिंह डिग्री कालेज खुमारीपुर में एमए में दाखिला लिया था। फाइनल में भी उसने कालेज की फीस भरकर एडमिशन व वजीफा फार्म भरा था। जब वह परीक्षा देने कालेज गयी तो उसे परीक्षा में शामिल नही होने दिया गया। कालेज प्रबंधन ने कहा कि उसका यहाँ रजिस्ट्रेशन ही नही हुआ है। ये सुन मनीषा दंग रह गयी, पर उसका वजीफा क्यों आया, इस सवाल का जवाब उसे कालेज प्रबंधन नही दे पा रहा है। मतलब साफ है कि कॉलेज की लापरवाही से कहीं न कही कोई बड़ी चूक हुई है जिससे मनीषा के भविष्य से खिलवाड़ किया गया, पर कालेज प्रबंधन अपनी लापरवाही का ठीकरा छात्रा के ऊपर फोड़ रहा है। आखिर छात्रा को परीक्षा में क्यों नही बैठने दिया जा रहा है? इसके पीछे क्या साजिश हो सकती है, इन सभी सवालों के जवान कालेज प्रबंधन देने को तैयार नही है।यदि ऐसा ही दुर्व्यवहार कालेज प्रबंधन छात्र छात्राओं के साथ करेगा तो न जाने कितने होनहार छात्रों का मनोबल टूटेगा, इसकी परवाह क्यों नही की जाती?

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