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Thursday, 5 April 2018

राज्यपाल ने किया पुलिस कर्मियों को सम्मानित, पहली बार मुख्यमंत्री भी हुए शामिल

लखनऊ। पुलिस सप्ताह के तहत आयोजित रैतिक परेड में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शामिल हुए। यह पहला मौका है जब किसी मुख्यमंत्री ने पुलिस वीक के कार्यक्रम में शिरकत की है। उनके साथ राज्यपाल राम नाईक ने भी कार्यक्रम में हिस्सा लिया। तीन अप्रैल से आयोजित पुलिस वीक कार्यक्रम के तीसरे दिन गुरुवार को 49 पुलिस कर्मियों और अधिकारियों को वीरता के लिए पुलिस पदक और विशिष्ट सेवाओं के लिए राष्ट्रपति का पुलिस पदक दिया गया। इसमें कुछ ऐसे भी हैं जो अब रिटायर हो चुके हैं। 

 
कार्यक्रम में डीजीपी ओपी सिंह ने राज्यपाल को पुलिस हैट पहनाकर उनका स्वागत किया। कार्यक्रम को संबोधति करते हुए राज्यपाल राम नाईक ने कहा कि इस आयोजन के लिए आप सभी को बधाई देता हूं। आप सभी की एक साल की मेहनत के बाद ये सम्मान देने का दिन आता है। इस दौरान उन्होंने अपने मंत्रिमंडल के साथ कार्यक्रम में उपस्थित हुए सीएम योगी आदित्यनाथ का भी आभार व्यक्त किया। राज्यपाल ने बताया कि पिछले एक साल में 91 प्रतिशत अपराधियों को सजा हुई है। यह पुलिस के लिए गर्व की बात है। इस दौरान राज्यपाल राम नाईक ने पुलिस परेड का निरीक्षण भी किया।
 
एडीजी कानपुर जोन सहित 49 पुलिसकर्मी सम्मानित
वीरता पदक पाने वालों में एडीजी कानपुर जोन अविनाश चंद्र, एडीजी ईओडब्ल्यू अभय प्रसाद, रिटायर्ड डीआईजी देवेंद्र कुमार चौधरी, इंस्पेक्टर दिलीप सिंह शामिल हैं। निरीक्षक पन्ना लाल को मरणोपरांत वीरता पदक उनकी पत्नी प्रभावती को दिया जाएगा। अलीगढ़ के एसएसपी राजेश पाण्डे और आजमगढ़ के डीआईजी विजय भूषण को तीसरी बार वीरता पदक दिया जा रहा है। राष्ट्रपति पदक के लिए भर्ती बोर्ड के डीजी जीपी शर्मा, विश्वजीत महापात्र, एडीजी कानून व्यवस्था आनंद कुमार, एडीजी पुलिस मुख्यालय बीपी जोगदंड और एडीजी पीसी मीणा शामिल हैं।
वार्षिक परेड देखकर प्रसन्नता हुई: राज्यपाल
यूपी पुलिस की वार्षिक परेड देखकर प्रसन्नता हुई , हार्दिक प्रशंसा करता हूँ और बधाई देता हूं। 4 वर्ष हुए राज्यपाल के 4 परेड देख चुका हूँ। पुलिस परिवार के लिए ये यादगार यादें होती है , यूपी पुलिस को सरहाना मिलती है की एक वर्ष की जी तोड़ मेहनत के बाद उन्हें सम्मान से नवाजा जाता है। जब कार से उतरा तो सर पर टोपी लगाई गई, गौरव महसूस करता हूँ।
ख़ुशी है की सीएम खुद अपने मंत्रिमंडल को इस परेड में साथ लाए। उन वीर शहीदों को श्रद्धांजलि जो अपनी ड्यूटी निभाते वक्त कुर्बान हुए, उनकी कुर्बानी व्यर्थ नहीं जाएगी। ख़ुशी है की सीएम खुद अपने मंत्रिमंडल को इस परेड में साथ लाए। ये खोज का विषय हो सकता है कि इससे पहले कब मुख्यमंत्री और राज्यपाल एक साथ वार्षिक रैतिक परेड में आये हो। आंदोलन करना जनतंत्र का अधिकार है। पर आंदोलन की एक लक्ष्मण रेखा होती है। आंदोलन में सामान्य जन को नुकसान नहीं पहुंचना चाहिये। यूपी सरकार और पुलिस के लिए गर्व की बात है। 91 % अपराधियों को सज़ा हुई।
पहले दिन डीजीपी ने ली थी सलामी
बता दें कि पुलिस वीक का आयोजन तीन से आठ अप्रैल तक किया जाएगा। पुलिस लाइंस में मंगलवार को कार्यक्रम का शुभारंभ डीजीपी ओपी सिंह की परेड से हुआ था। पुलिस वीक में सराहनीय सेवाओं के लिए 67 पुलिसकर्मियों को सम्मानित किया गया था। डीजीपी ने पुलिस लाइन ग्राउंड का भ्रमण कर परेड को देखा वहीं साथ में एसएसपी सफेद घोड़े पर सवार होकर डीजीपी के साथ चल रहे थे। परेड के दौरान यातायात पुलिस, पीएसी, महिला नागरिक पुलिस की टुकड़ियों व घुड़सवारों की टुकड़ियों, एटीएस कमांडों, फायर ब्रिगेड, पुलिस और पीएसी के बैंड टीम ने उन्हें सलामी दी। डीजीपी ने वहां पधारे सभी अतिथियों का अभिवादन स्वीकार किया था।
दूसरे दिन आईपीएस अधिकारियों के साथ की बैठक
पुलिस वीक के दूसरे दिन डीजीपी ने पुलिस रेडियो मुख्यालय पर आईपीएस अधिकारियों के साथ बैठक की थी। पुलिस वीक का समापन रविवार को इकाना अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम में आईएएस व आईपीएस अफसरों के बीच आयोजित होने वाले डे-नाइट क्रिकेट मैच की समाप्ति के साथ होगा।

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