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Thursday, 5 April 2018

सरकारी कर्मचारियों की मिलीभगत से किसानो का हो रहा है उत्पीड़न

–माफियाओं की मदद से गेंहू खरीद केन्द्रो पर जम कर हो रहा है घोटाला
–आढतियों द्वारा अपनी आढ़त पर एक ढेरी की नीलामी रशीद कटवाकर ,खरीदे हुये गेंहूं की ताैल करायी जा रही है
[अनिल मिश्रा] शाहजहाँपुर। भारतीय जनता पार्टी की प्रदेश में योगी सरकार भले ही अपनी ईमानदारी का ढ़िडोरा मीडिया से पिटबाने में लगी हो परन्तु स्थिति इसके बिल्कुल बिपरीत है। क्योंकि गेहूँ क्रय केन्द्र जहाँ एक ओर किसानो से 12 प्रतिशत नमीयुक्त गेँहू लाने की बात कर केन्द्र से किसानो का माल वापस कर रहे हैं। तो वहीं गल्ला माफियाओं का 14 से 15 प्रतिशत तक की नमी का गेहूँ तौल कर अपनी काग़जी कार्यवाही पूर्ण कर जिला प्रशासन की आँखो में धूल झोककर किसानो का खुला उत्पीड़न कर रहे हैं। राैजा मंण्डी समिति में सरकारी गेहूँ खरीद केंद्र प्रभारियों ने किसानो पर 12 प्रतिशत नमी की कंडीशन लगाकर उनके माल को बैरंग लौटा रहे हैं। किसान की मजबूरी का नाजायज फायदा उठाने बाले गल्ला माफिया के ठेकेदार मंण्डी में ही किसानों का माल तौल कर शाम होते ही उसे 14 से 15 प्रतिशत की नमी सहित गेहूँ खरीद केन्दो को दे रहे हैं। व्यापारी और गल्ला माफियाओं की सांठ गांठ के चलते गेहूँ खरीद केन्द्र किसानो का माल रत्ती भर नही ले रहे हैं। 1745 रुपये प्रति कुंतल के सरकारी रेट पर किसानो के लिए 12 प्रतिशत नमी की कन्डीशन लाद दी गई और 1570-80 में किसानो से जबरदस्ती खरीद कर वही गेहूँ में अधिक नमी होने के बाद भी व्यापारियों एंव माफियाओं का गेहूँ सेन्टर पूरी तरह तौल कर जहाँ एक ओर जिला प्रशासन की आँखो में धूल झोकर अपनी जेबे भर रहे हैं। तो वही व्यापारियों एंव गल्ला माफियाओं की तिजोरियां भी।
कमाल की कार्यशैली है मंण्डी कर्मचारियों व लेखपाल और कानूनगो की क्योंकि ये बिके हुए माल के ढे़र का बोली लगाते फोटो खीच कर जहां एक ओर प्रशासन को गुमराह कर रहे हैं तो वही प्रदेश की ईमानदार योगी सरकार पर भी दाग लगा रहे हैं। इतना ही नही सूत्र बताते हैं कि विभागीय कर्मचारी पूरी तरह गल्ला माफियाओं की मदद कर अपनी जेब भरने के साथ ही किसानो का भरपूर शोषण कर रहे हैं। क्योंकि किसानो के साथ मंण्डी में होने बाले घोटाले से यह उपजिलाधिकारी तक को अवगत कराने की जगह गलत और झूठी रिपोर्ट प्रस्तुत कर नीलामी हुए गेहूँ के साथ दो दो तीन तीन अपना फोटो खीच कर सोशल मीडिया के साथ साथ अपने आला अफसरो के भले बने हुए हैं। कहना गलत नही होगा कि सेन्टर प्रभारियों ने ठेकेदारो की मदद से बैंको में तमाम फर्जी खाते खुलवा रखे है। क्योंकि एक किसान वर्ष चार फसले कर ही पाता है तो उसके चार खातो का क्या मतलब। सूत्रो के अनुसार राैजा मंण्डी समिति में किसानो के माल खरीद पर उत्पीड़न के साथ ही इस वर्ष भी करोड़ो का घोटाला कर अपनी अपनी तिजोरियां भरने का प्लान किया गया। और इस बार इस प्लान में गल्ला माफियाओं का पूरा साथ केन्द्र प्रभारी, ठेकेदार और कर्मचारी कर रहे हैं। विभिन्न स्तरो से जिलाधिकारी की जाने बाली किसानो की समस्याएे ईमानदार जिला अधिकारी अमृत त्रिपाठी तक पहुंच ही नही पा रही हैं। वही किसी भी शिकायत पर ऊंची रसूख के माफिया व ठेकेदारो पर जिला प्रशासन कदापि कार्यवाही नही करेगा क्योंकि मंण्डी मे होते लगातार घोटालो के देखते हुए ऐसा माना जा रहा। नीलामी की आड़ में आढ़तियाें द्वारा खेला जा रहा खेल नीलामी के बहाने गेंहूं माफियाआें द्वारा प्रशासन की आँखों में धूल झोंक कर गेंहूं क्रय केन्द्र प्रभारी आैर गेंहूं माफियाआें द्वारा पूरी मंडी समिति में खेला जा रहा है

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