
बिहार के दरभंगा में एक मुस्लिम शख्स ने 2 दिन की नवजात की जान बचाने के लिए अपना रोजा तोड़ कर खून दिया। खून देने वाले अशफाक का कहना है कि किसी इंसान की जान बचाना, रोजा से ज्यादा महत्वपूर्ण है। बता दें कि बिहार में यह दूसरा मौका है, जब इस रमजान में मु्स्लिम युवक ने अपना रोजा तोड़ कर हिंदू बच्चे की जान बचाई हो। इससे पहले गोपालगंज में एक शख्स ने 8 साल के हिंदू बच्चे की जान बचाई थी।
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