लखनऊ। योगी सरकार की कानून-व्यवस्था पर निशाना साधते हुए समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा है कि पूरा राज्य अराजकता की गिरफ्त में है इस पर भी राजभवन का मौनधारण आश्चर्यजनक है। कासगंज और बनारस के सिंधिया घाट की घटना ध्वस्त कानून व्यवस्था का एक उदाहरण है। अखिलेश ने कहा है कि अपराधियों के बढे़ हौसलों के आगे शासन-प्रशासन लाचार नजर आ रहा है। बावजूद इसके सरकार द्वारा इन घटनाआें के लिए किसी की जवाबदेही तय नहीं की जा रही है।
अखिलेश ने आईपीएन को भेजे अपने बयान में कहा कि मुख्यमंत्री को सीतापुर जाने की फुरसत तब मिली जब उन्होंने कुत्तो से दर्जनों बच्चों की जान बचाने में विफल सरकार पर सवाल खड़ा किया। मृत बच्चे के परिवारीजनों को मदद पर भी सरकार का रवैया संवेदनहीन ही है।
अखिलेश ने कहा कि राज्य में दहशत का माहौल व्याप्त है। दिन दहाड़े सरेराह साथी की हत्या से आक्रोशित अधिवक्ता इलाहाबाद सहित पूरे राज्य में हड़ताल पर है। भाजपा सरकार बताये कि विधि का शासन कहां है? कोई पहर नहीं बचता जब किसी न किसी दुर्घटना से राज्य के नागरिकों को दो-चार न होना पड़ता हो। बागपत में दो बहनों ने स्कूल तो जाना छोड़ ही दिया है। अब वे घर से बाहर भी नहीं निकल पा रही हैं।
अखिलेश ने कहा कि मुख्यमंत्री का दावा है कि एनकाउटंर से रामराज स्थापित होता है जबकि अपराधी खुलेआम गंभीर से गंभीर अपराधों को अंजाम दे रहे हैं।
Post Top Ad
Friday, 11 May 2018
उ.प्र. में अराजकता पर राजभवन का मौन आश्चर्यजनक : अखिलेश
Subscribe to:
Post Comments (Atom)

No comments:
Post a Comment