
मो.हस्सान
सण्डीला हरदोई16मई -रमज़ानुल मुबारक का महीना शुरू होने जा रहा है जिसके चलते मस्जिदों में साफ सफाई का काम जोर शोर से चल रहा है जिसमें मुसलमानों को सब्र की तलकीन,शुक्र अदा करने और गरीबों मिस्कीनो यतीमों की मदद का सलीक़ा सिखाया गया है.इस बा बरकत महीने में मुसलमान अपने रब से अपने गुनाहों की माफ़ी तलब कर आने वाली ज़िन्दगी में खुद को अपने रब की मर्ज़ी पर चलने वाला बनाने की कोशिश करते हैं,ये बात दारुल उलूम अलजामे आतुल गौसिया के प्रिंसपल अल्लामा मौलाना मेंहदी हसन ने कही उन्होंने कहा इस बा बरकत महीना में बे शुमार रहमतें बकतें नाज़िल होती हैं।ये रमज़ान का माह तमाम साल के महीनों से अफ़ज़ल है। तहरीक़ परचमे मोहम्मदी के अध्यक्ष फरीदउद्दीन अहमद ने कहा कि माहे रमज़ान महज़ खाने पीने से रुकने का नाम नही बल्कि अपनी तमाम नेकियों से अल्लाह पाक को राज़ी करने का नाम है। इस तपिश भरे मौसम में लोगों के लिए राहत का इंतज़ाम करें,मुसाफिरों व मेहनतकश मज़दूर पेशा लोग जो रोज़े से हों उनका ख्याल रखें और उनके लिए बेहतर इंतज़ाम करें.।गरीब नवाज़ फाउण्डेशन के अध्यक्ष शफी अहमद साबरी ने प्रसाशन से नगर में साफ सफाई कराने।और बिजली सप्लाई सही करने के लिए कहा ।उनहोने ने कहा कि रमज़ान मुबारक के दिनों में व रात में तेज़ आवाज़ वाले लाउडस्पीकर का इस्तेमाल न करें, इसका ख़ास ख्याल रखें, आपके अमल से किसी को कोई परेशानी नहीं हो। सड़क पर नमाज़ पढने से बचें, मस्जिदों के अन्दर ही नमाज़ अदा करें, अगर मुमकिन हो तो प्रशासन से इजाज़त ली जाये तभी ऐसा करें।शहेर क़ाज़ी सय्यद आरिफ अब्दुल्लाह ने कहा कि इस माह दी जाने वालीज़कात को सही जगह पहुंचाएँ और सदक़ा -ए- फ़ित्र को सही और मुसतहिक़ लोगों के पास पहुँचाना आपकी ज़िम्मेदारी है।किसी भी तरह की अफवाह पर ध्यान न दें, रमज़ान हमें सब्र सिखाता है, इसका मुज़ाहिरा करें, अगर कहीं किसी भी तरह की तकलीफ होती है तो प्रशासन से राब्ता करें भीड़ वाली जगहों पर अपनी गाड़ियों को तरतीब से लगाएँ ताकि राहगीरों को परेशानी न हो और एक ज़िम्मेदार शहरी की तरह अपना काम करें।दरगाह हज़रत साग़र मियां के सज्जादा नशीन व ऑल इण्डिया उलेमा मशाईख बोर्ड हरदोई यूनिट के महासचिव/प्रवक्ता मुईज़उद्दीन अहमद साग़री चिश्ती ने कहा कि इस माहे मुबारक में क़ुरआन पाक को पढ़ने के साथ उसका (तर्जुमा) ट्रांसलेशन समझना भी ज़रूरी है।ताकि हम क़ुरआन पाक की तालीमात (शिक्षा) को समझ सकें।इसके अलावा इस माह मेंहज़रत इमाम हसन मुजतबा अलैहिस्सलाम की विलादत, ने कहा कि इस मुबारक माह में जनाबे सय्यदा फातिमा अलैहस्सलाम की विलादत और हज़रत अली रज़ी अल्लाहू अन्हु की शहादत के ताल्लुक़ से तक़रीबात मुनअक्किद करें ताकि लोगो (अवामुन्नास)को अहले बैते अतहर के ताल्लुक से बताया जा सके रमज़ान के रोज़े रखने के बदले में अल्लाह तआला ईद को तोहफे में अदा करता हैईद में खासतौर से गरीबों, यतीमों और मिस्कीनो का ख्याल रखते हुए अमन व मोहब्बत का पैगाम सबको दिया जाऐ और प्रशासन का सहयोग करें।

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